तमिलनाडु में बीजेपी नेता अन्नामलाई को करारी हार का सामना करना पड़ा. कोयंबटूर सीट पर DMK के गणपति राजकुमार पी ने उन्हें 1 लाख 18 हजार 68 वोटों से शिकस्त दी. इस लोकसभा चुनाव में गणपति को 568200 वोट मिले, जबकि अन्नामलाई को 450132 लोगों ने वोट दिया. आईपीएस की नौकरी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए अन्नामलाई पूरी चुनाव में सु्र्खियों में बने रहे थे. यही कारण है कि उनकी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की बेटी और डीएमके कनिमोझी ने मजाक तक उड़ा दिया.इसको लेकर अब अन्नामलाई ने भी पलटवार करते हुए कहा कि अगर मेरे पिता करुणानिधि होते तो मैं भी अब तक चुनाव जीत चुका होता.
आजतक से खास बातचीत करते हुए बीजेपी नेता अन्नामलाई ने कहा कि हमारे एनडीए ने इतिहास रच दिया है. नेहरू के बाद पहली बार हमारी सरकार तीसरी बार सत्ता में आएगी. तीसरी बार सत्ता में आना एक मुश्किल काम है. हमें अफसोस है कि हम तमिलनाडु से सांसद नहीं भेज पाए. हमारा वोट शेयर बढ़ा है. यह एक सीख देने वाला कदम होगा. अगले चुनाव में भाजपा विजयी होगी. हम अगले एक सप्ताह में देखेंगे कि क्या गलत हुआ और इसे कैसे सुधारा जा सकता है. हम लोगों के जनादेश को स्वीकार करते हैं. वे चाहते थे कि हमारा वोट शेयर बढ़े और ऐसा हुआ. लेकिन हम सीटें नहीं जीत पाए.
'हम कोई शॉर्टकट नहीं अपनाएंगे'
अन्नामलाई ने कहा कि हम चाहते थे कि हमारा वोट शेयर 20% हो.हमें जो भी वोट मिले, वह बिना पैसे दिए मिले. हमें और भी मेहनत करने की जरूरत है.अब यह 11% वोट शेयर हो गया है. हम कोई शॉर्टकट नहीं अपनाएंगे. हम कड़ी मेहनत करेंगे. हम 2026 के चुनावों के लिए ईमानदार राजनीति करेंगे. पूरी विनम्रता के साथ हम देखेंगे कि क्या बदलाव की जरूरत है. आज अगर आप हिसाब लगाएं तो AIADMK और भाजपा ने मिलकर यह चुनाव लड़ा होता, तो हम 30-31 सीटों पर जीत सकते थे. लेकिन लोगों के वोट देने के बाद, इस बारे में सोचना, यह काल्पनिक है. किसी न किसी कारण से, चुनाव से पहले गठबंधन नहीं था. और लोगों को कारण पता है.
'भाजपा तमिलनाडु में सत्ता हासिल करेगी'
उन्होंने कहा कि अभी भी मैं बहुत ज़्यादा आत्मविश्वासी हूं. 2026 में, भाजपा तमिलनाडु में सत्ता हासिल करेगी. एक नेता ऐसे ही काम कर सकता है. यह स्वाभाविक है कि तमिलनाडु में भाजपा ने 21 सीटों पर जमानत खो दी. AIADMK जैसी पार्टियां, जो इतने सालों से अस्तित्व में हैं, 7 सीटों पर जमानत खो देती हैं. कोयंबटूर जैसे गढ़ में AIADMK ने अपनी जमानत बचाई है. तमिलनाडु में हमारे भाजपा कार्यकर्ताओं में आज इतना आत्मसम्मान है कि वे सीधे खड़े होकर वोट मांग सकते हैं. हमें उन जगहों से वोट मिले हैं जहां पहले भाजपा का नाम भी नहीं था.
'AIADMK के नेताओं को जुबां पर काबू रखना चाहिए'
बीजेपी नेता ने कहा कि कम से कम AIADMK को अब इस बात का अहसास हो गया है कि भाजपा किस तरह से अपना महत्व रखती है. पहले उन्होंने हमें NOTA पार्टी कहकर खारिज कर दिया था, वे नहीं चाहते थे कि हम अपना झंडा लेकर चलें और हमें केवल 5 सीटें दी थीं. AIADMK के नेता इस दौरान ज़्यादा ज़िम्मेदारी से क्यों नहीं बोल रहे थे? उन्हें अपनी जुबां पर काबू रखना चाहिए था. हम जानते हैं कि हम कल सुबह तमिलनाडु में सत्ता हासिल नहीं कर सकते. हम जानते हैं कि हमें कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत है.
कनिमोझी द्वारा उनका मजाब बनाए जाने पर अन्नामलाई ने कहा कि अगर मेरे पिता करुणानिधि होते, तो मैं भी अब तक चुनाव जीत चुका होता. मेरे पिता का नाम कुप्पुस्वामी है. इसलिए मुझे चुनाव जीतने में कुछ समय लगेगा.