भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने दक्षिण भारतीय प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है. उसकी पहली नजर तमिलनाडु पर है जहां मई 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं. वी के शशिकला भी जनवरी 2021 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल से बाहर आएंगी. ऐसे में संभावना है कि शशिकला के गुट वाली AMMK का अन्नाद्रमुक में जल्द विलय हो जाए. बीजेपी इस प्रयास में जुटी हुई है.
शशिकला की गैर मौजूदगी में AMMK की कमान संभाल रहे टीटीवी दिनकरन ने दो दिन पहल ही दिल्ली का दौरा किया है. बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी. सत्ता में अब दो बार से कायम अन्नाद्रमुक को विधानसभा चुनावों में DMK से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जे जयललिता की मृत्यु के बाद से यह पहली बार है जब पार्टी सियासी मोर्चे पर चुनौती का सामना कर कर रही है.
जयललिता की मृत्यु के बाद अन्नाद्रमुक में दरार आ गई और ओ पनीरसेल्वम और पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले गुट को सत्ता पर कब्जा मिला जबकि शशिकला के सहयोगियों को अलग होना पड़ा. कहा जाता है कि इसमें भी बीजेपी की भूमिका थी. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 2021 में बेंगलुरु जेल से शशिकला की रिहाई हो सकती है. लिहाजा बातचीत का सिलसिला भी शुरू हो गया है.
उच्च सूत्रों के मुताबिक यदि वार्ता सफल रही तो दिनकरन को शशिकला की "जल्द से जल्द रिहाई" की उम्मीद है. हालाकि, दिनकरन कहते हैं कि उनकी चाची शशिकला को पार्टी का महासचिव बनाया जाए और उन्हें एक महत्वपूर्ण पद दिया जाए. आखिरकार मुख्यमंत्री-डिप्टी सीएम के तौर पर सरकार की बागडोर पलानीस्वामी और पनीरसेल्वम के हाथ में ही रहनी है जबकि पार्टी की बागडोर शशिकला के पास रहे.
शशिकला की पार्टी से बातचीत को लेकर बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहते हैं, बेशक, अन्नाद्रमुक को एकजुट होकर डीएमके से लड़ने की जरूरत है. शशिकला अपनी सजा काट चुकी हैं. वह अब अछूत नहीं हैं. शशिकला को आय से अधिक संपत्ति मामले में चार साल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें फरवरी 2017 में जयललिता प्रमुख आरोपी थीं.
एएमएमके के कोषाध्यक्ष और शशिकला के वफादार पी. वीट्रेवल ने कहा कि विलय संभव है, यदि पार्टी नेतृत्व फिर से सुरक्षित हाथों में लौट आए. उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक पूरी तरह से टूट गया है, केवल चिन्नम्मा (शशिकला) और दिनकरन जैसे नेता ही पार्टी को पुनर्जीवित कर सकते हैं. इन शर्तों को पूरा किए बिना बातचीत का कोई सवाल ही नहीं है. हालांकि वीट्रेवल दिनकरन की किसी दिल्ली यात्रा की जानकारी से इनकार करते हैं.