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Petrol Diesel: पेट्रोल-डीजल के रेट में राहत पर तेज हुई सियासत, निशाने पर गैर-बीजेपी शासित राज्य

Petrol Diesel Congress Bjp: केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई तो बीजेपी शासित राज्यों ने भी वैट कम कर दिया. अब इस मसले पर बीजेपी और गैर-बीजेपी शासित राज्यों की लड़ाई शुरू हो गई है.

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पेट्रोल-डीजल के रेट पर सियासी बयानबाजी (फोटो-PTI)
पेट्रोल-डीजल के रेट पर सियासी बयानबाजी (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी, बिहार, एमपी सरकार ने घटाया वैट
  • कांग्रेस शासित राज्य दिखा रहे हिचक
  • गैर-बीजेपी शासित ओडिशा ने भी कम किया वैट

केंद्र सरकार ने छोटी दिवाली के मौके पर पेट्रोल-डीजल के उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 5 रुपये और 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है. इसके बाद राज्य सरकारें भी वैट घटा रही हैं जिससे तेल की आसमान छू रही कीमतों से जनता को थोड़ी राहत जरूर मिली है. हालांकि, अब ये मुद्दा बीजेपी और गैर-बीजेपी शासित राज्यों के बीच टकराव का विषय भी बन गया है. 

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दरअसल, इसकी बड़ी वजह ये है कि बीजेपी शासित राज्यों ने वैट घटा दिया है, साथ ही बीजेपी के सहयोगी राज्यों ने भी कटौती कर दी है, लेकिन विपक्षी दलों वाले राज्य वैट घटाने में हिचक दिखा रहे हैं. 

बीजेपी और उसके समर्थित दलों द्वारा शासित राज्यों जैसे यूपी, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, गोवा, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, और अरुणाचल प्रदेश ने केंद्र के फॉर्मूले को अपनाते हुए पेट्रोल-डीजल पर वैट में कटौती करने का फैसला लिया है. इन राज्यों के अलावा गैर-बीजेपी शासित ओडिशा ने भी वैट में कटौती की है, लेकिन अन्य राज्य सरकारों ने अभी फैसला नहीं लिया है. 

बीजेपी ने उठाए सवाल

बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने विपक्षी दलों पर सवाल भी उठाए हैं. उन्होंने लिखा, ''एनडीए शासित राज्यों ने VAT घटा दिया है, अब कांग्रेस शासित व अन्य राज्यों महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश की बारी है.''

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बंगाल में बवाल
पश्चिम बंगाल में टीएमसी भी बीजेपी के निशाने पर आ गई है. भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की ममता सरकार से वैट घटाने की मांग की है तो टीएमसी ने इसे सस्ती राजनीतिक नौटंकी करार दिया है.
 
भाजपा विधायक और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और दिलीप घोष समेत विभिन्न भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी की सरकार से भाजपा राज्यों की तरह पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने के लिए कहा है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 10 रुपये उत्पाद शुल्क कम करने के केंद्र सरकार के फैसले का दिल से स्वागत है. अब बंगाल सरकार को भी स्टेट टैक्स में कटौती करते हुए इनके दामों में कमी करना चाहिए.

टीएमसी ने लगाया केंद्र पर भेदभाव का आरोप
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे सस्ती राजनीतिक नौटंकी करार दिया है. टीएमसी के नेता कुणाल घोष ने कहा कि पहले तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया फिर कई उपचुनावों में बीजेपी की हार के बाद कीमतें कम की गई हैं. उन्होंने तेल पर टैक्स की नीतियों को लेकर भी भाजपा पर करारा हमला किया. 

घोष ने कहा कि बंगाल सरकार से एनडीए शासित राज्यों की तरह वैट कम करने के लिए कहा है. लेकिन एनडीए शासित राज्यों को तो केंद्र की ओर से भारी मात्रा में वित्त दिया जाता है, लेकिन बंगाल को इससे दूर रखा गया है. उन्होंने कहा कि कोई बीजेपी शासित राज्य टैक्स में कटौती करता है तो केंद्र से उन्हें पैसा भेज दिया जाता है, लेकिन यह पैसा बंगाल को नहीं मिलता.

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राजस्थान सरकार का आया ये बयान
राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा है कि राजस्थान सरकार पहले ही 2.5 परसेंट वैट घटा चुकी है, आगे और वैट कम करना है कि नहीं यह फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लेंगे. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार 2014 के बाद से अब तक लगाई गई एक्साइज ड्यूटी घटाने के लिए तैयार है तो राजस्थान सरकार भी उतना ही कम करेगी.

बीजेपी पर तंज कसते हुए राजस्थान के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि "जो केंद्र सरकार ने किया है वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है. बीजेपी को जो चुनावों में करारी हार मिली है यह उसी का नतीजा है.''

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कुछ ऐसा ही बयान दिया है. उन्होंने अपने ट्वीट में केंद्र सरकार पर तंज करते हुए लिखा है कि ये दिल से नहीं, डर से लिया गया फैसला है. 

 

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