देश में ऐसा लगता कि एक साथ विपक्षी दलों के प्रमुख नेता केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं. एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी पूछताछ कर रही है तो दूसरी तरफ रेल भर्ती घोटाला मामले में आरजेडी सुप्रीम लालू यादव के ओएसडी रहे भोला यादव को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. इतना ही नहीं शिवसेना नेता संजय राउत से फिर पूछताछ के लिए ईडी ने समन जारी किया तो बंगाल टीचर भर्ती घोटाला मामले में टीएमसी विधायक से पूछताछ की गई है जबकि पार्थ चटर्जी गिरफ्तार हैं. इस तरह केंद्रीय जांच एजेंसियों का विपक्षी नेताओं पर ताबड़तोड़ एक्शन जारी है.
एक तरफ विपक्षी नेता केंद्रीय जांच एजेंसियों के टारगेट पर हैं तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जांच एजेंसी ईडी के खिलाफ दायर सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के सभी कड़े प्रावधानों जिसमें जांच करना, तलाशी लेना, संपत्तियों की कुर्की करना, गिरफ्तार करना और जमानत आदि के प्रावधान हैं, इन्हें बरकरार रखा है. इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी ईडी को और भी पावर फुल बना दिया है, जिससे विपक्षी नेताओं को राहत नहीं मिलती दिख रही है.
ईडी के राडार पर सोनिया-राहुल
नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने सोनिया गांधी से बुधवार को फिर से पूछताछ की. इससे पहले मंगलवार को सोनिया से छह घंटे पूछताछ की गई थी. इससे पहले इसी मामले में राहुल गांधी से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है. ईडी सोनिया और राहुल से पूछताछ कर वित्तीय लेनदेन, यंग इंडियन के प्रवर्तकों और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की भूमिका के बारे में पता लगाना चाहती है. ऐसे में सोनिया से ईडी की पूछताछ पर कांग्रेस ने एकबार फिर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. सीएम अशोक गहलोत, गुलाब नबी आजाद और आनंद शर्मा ने बीजेपी और मोदी सरकार पर ईडी के जरिए आतंक फैलाने का आरोप लगाया. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि केस एक है, फैमिली एक है उसमें जब बेटे राहुल गांधी से घंटों पूछताछ कर ली तो उसी केस में सोनिया गांधी को फिर से बुलाने की क्या जरूरत है?
क्या है सोनिया के खिलाफ मामला
नेशनल हेराल्ड को 1938 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने शुरू किया था. इस न्यूज पेपर को चलाने का जिम्मा 'एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड' नाम की कंपनी के पास था. 2008 में घाटे की वजह से न्यूज पेपर को बंद कर दिया. तब कांग्रेस ने एजेएल को पार्टी फंड से बिना ब्याज का 90 करोड़ रुपए का लोन दिया. सोनिया और राहुल गांधी ने 'यंग इंडियन' नाम से नई कंपनी बनाई. यंग इंडियन को एसोसिएटेड जर्नल्स को दिए लोन के बदले में कंपनी की 99 फीसदी हिस्सेदारी मिल गई. बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में केस दर्ज कराया था, जिसे लेकर जांच की जा रही है.
लालू यादव के ओएसडी गिरफ्तार
केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. रेलवे भर्ती घोटाले मामले में सीबीआई बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लालू यादव के पूर्व ओएसडी भोला यादव को गिरफ्तार किया है. साथ ही सीबीआई ने बिहार के पटना और दरभंगा में चार ठिकानों पर छापे भी मारे हैं. लालू यादव के केंद्रीय रेल मंत्री रहते हुए भोला यादव 2004 से 2009 तक उनके ओएसडी रहे और उसी समय रेलवे में भर्ती घोटाला हुआ था.
रेल भर्ती घोटाला क्या है
बता दें कि ये मामला रेलवे भर्ती घोटाले से जुड़ा है. आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुई जॉब लगवाने के बदले में जमीन और प्लॉट लिए गए थे. सीबीआई ने इसी मामले में जांच के बाद पिछले दिनों लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा यादव, हेमा यादव और कुछ ऐसे उम्मीदवारों पर केस दर्ज किया है, जिन्हें प्लॉट या प्रॉपर्टी के बदले जॉब दी गई. सीबीआई ने लालू के ठिकानों पर भी छापे मारे थे. इससे पहले सीबीआई ने मई में इस मामले में लालू यादव से जुड़ीं 17 जगहों पर छापेमारी की थी.
पार्थ चटर्जी और टीएमसी निशाने पर
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर गिरफ्तार उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी के बाद अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के विधायक माणिक भट्टाचार्य सवालों और जांच के घेरे में आ गए हैं. एसएससी स्कैम मामले में भट्टाचार्य को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन किया है और अब उनसे पूछताछ जारी है. शिक्षक भर्ती घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है. भट्टाचार्य के घर सहित 13 ठिकानों पर तलाशी अभियान के बाद टीएमसी के इस विधायक से ईडी पूछताछ कर रही है.
बता दें कि ईडी ने पश्चिम बंगाल के सरकारी विद्यालयों और सरकारी सहायताप्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमिताओं की जांच के सिलसिले में 23 जुलाई को पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था. जब यह कथित शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ था तब वह शिक्षा मंत्री थे. ईडी ने पहले पार्थ चटर्जी के घर छापा मारा था और फिर उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर. ऐसे में अर्पिता के घर से 20 करोड़ रुपये नकद जब्त हुए थे. इसके बाद से विपक्ष के निशाने पर टीएमसी है, पर सीएम ने कहा कि अगर कोई गलत कार्य करने का दोषी पाया जाता है तो उसे दंडित किया जाना चाहिए और वह भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती हैं.
ED ने निशान पर सांसद संजय राउत
केंद्रीय जांच एजेंसी के निशाने पर शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत हैं, उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने बुधवार को तलब किया है. इससे पहले ईडी ने संजय राउत को समन जारी कर बुलाया था और उनका बयान दर्ज किया था. एक जुलाई को करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले अप्रैल में, प्रवर्तन निदेशालय ने मामले के संबंध में संजय राउत की पारिवारिक संपत्तियों को कुर्क किया था. ED ने इसी मामले में शिवसेना नेता संजय राउत के करीबी सहयोगी सुजीत पाटकर से 19 जुलाई को पूछताछ की थी.
संजय राउत के खिलाफ क्या मामला है
मुंबई की पात्रा चॉल नामक आवास परिसर के पुनर्विकास में कथित घोटाले को लेकर ईडी जांच कर रही है, जिसके चलते संजय राउत निशान पर हैं. ये मुंबई के गोरेगांव में पात्रा चॉल स्थित है. महाराष्ट्र सरकार ने चॉल में रहने वाले 672 किरायेदारों को फ्लैट देने के लिए सरकारी योजना बनाई थी. एचडीआईएल की कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को फ्लैट बनाने का ठेका दिया गया था. कंपनी को 672 फ्लैट चॉल के किरायेदारों को देकर 3000 फ्लैट महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण को हैंडओवर करने थे. ऐसे में आरोप है कि कंपनी ने ना तो चॉल में रहने वाले लोगों के फ्लैट बनाए और ना ही प्राधिकरण को कोई फ्लैट सौंपा. ये कथित भूमि घोटाला 1,034 करोड़ रुपये का बताया जा रहा. ईडी ने इस मामले में आशीष कंस्ट्रक्शन कंपी पूर्व निदेशक प्रवीण राउत को गिरफ्तार किया हैं, जिन्हें संजय राउत का करीबी माना जाता है.