
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधानसभा उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद अब छत्तीसगढ़ में फिर सियासी सुगबुहाट शुरू हो गई है. सूत्रों के हवाले से यह पता चला है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एक सितंबर को फिर से राजधानी रायपुर का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वह दूसरी सूची के उम्मीदवारों पर एक गहन चर्चा करेंगे. इस बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष शामिल होंगे. यह बैठक रायपुर के BJP मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आहूत की जाएगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में दूसरी लिस्ट को लेकर आखिरी स्तर की चर्चा की जाएगी. इसके बाद अमित शाह दिल्ली लौटकर वहां केंद्रीय चुनाव समिति बैठक में हिस्सा लेकर 2 या 3 सितंबर को लिस्ट जारी कर सकते हैं.
BJP अपनी दूसरी लिस्ट में 28 से 30 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर सकती है. छत्तीसगढ़ के प्रभारी ओम माथुर ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में दो दिन पहले एक अहम बैठक ली थी. इसमें लगभग कई नामों पर मोहर लग चुकी है. इस अहम बैठक के बाद वह छत्तीसगढ़ के सह प्रभारी नितिन नबीन के साथ दिल्ली रवाना हो गए.
बताया जा रहा है कि ऐसे कुल 55 नाम हैं जिन पर गहन चर्चा हुई. इनमें से 21 नामों की घोषणा पहली सूची में की जा चुकी है. वहीं, बचे हुए नामों की घोषणा सितंबर के शुरुआत दिनों में कर दी जाएगी. बता दें कि इन 55 सीटों पर पिछली बार भारतीय जनता पार्टी को हार प्राप्त हुई थी.
माना जा रहा है कि जिन-जिन हाई प्रोफाइल लोगों की पार्टी में एंट्री हुई है, उनको टिकट जरूर मिलेगा. पूर्व आईएएस नीलकंठ टेकाम ने भी कुछ दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी में एंट्री ली है. माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें केशकाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा सकती है.
इस क्रम में सतनामी धर्म गुरु बलदेव के बड़े पुत्र खुशवंत साहब का नाम भी शामिल है. खुशवंत साहब ने आरंग विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की. सतनामी समाज में एक बड़ा नाम होने के नाते खुशवंत साहब का आरंग से चुनाव लड़ना तय है.
आरंग से लगे रायपुर संभाग की उत्तर विधानसभा सीट की अगर बात करें तो वहां बीजेपी इस बार किसी सिंधी समाज के लिए टिकट देने की मन बना रही है. पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी का नाम सूची में ऊपर है. साथ ही भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई के मीडिया प्रभारी अमित कटार भी इस दौड़ में शामिल हैं.
वहीं, रायपुर दक्षिण की बात करें तो बृजमोहन अग्रवाल के विपरीत किसी ने अपनी उम्मीदवारी नहीं जताई. क्योंकि विधायक रहे बृजमोहन अग्रवाल भाजपा के दूसरे नंबर के सबसे बड़े नेता हैं और दक्षिण में पार्टी के पास कोई और विकल्प नजर नहीं आता.
इसके अलावा, रायपुर पश्चिम की बात करें तो आशु चंद्रवंशी का नाम काफी आगे चल रहा है. वहीं पूर्व विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश राजेश मूणत भी अपनी दावेदारी पश्चिम विधानसभा सीट से कर रहे हैं.
धमतरी जिले की कुरूद विधानसभा की बात करें तो यहां अजय चंद्राकर की काफी अच्छी पकड़ है. पता हो कि चंद्राकर भारतीय जनता पार्टी के धाकड़ नेता भी माने जाते हैं. लेकिन उनको कुरूद से टिकट मिलने पर एक बहुत बड़ा संदेह है. तीन बार कैबिनेट मंत्री बने रहे अजय चंद्राकर को हो सकता है कि इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव में लड़या जाए.
वहीं, अगर बिलासपुर विधानसभा की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता अमर अग्रवाल का नाम सबसे ज्यादा आगे है. अमर अग्रवाल, डॉ. रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल में मंत्री रहे और 20 साल से विधायक हैं.
इसके अलावा, कलेक्टर रहे पूर्व आईएएस ओपी चौधरी का इस बार रायगढ़ की सीट से लड़ना लगभग तय माना जा रहा है. ओपी चौधरी साल 2018 में खरसिया से चुनाव लड़ चुके हैं और अमित शाह के कहने पर राजनीति में कूदे थे.