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Modi Cabinet Reshuffle: चिराग बोले- चाचा पशुपति LJP कोटे से मंत्री बने तो मैं कोर्ट चला जाऊंगा

चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चाचा पशुपति पारस (Pashupati Paras) पर हमला किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मैं दिल से चाहता हूं कि उन्हें मंत्री बनाया जाए.

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चिराग पासवान (फाइल फोटो-PTI)
चिराग पासवान (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चिराग पासवान का चाचा पशुपति पर हमला
  • बोले- अपमानित करने वालों की गोद में बैठे
  • नीतीश कुमार पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया

बिहार की राजनीति में एक बार फिर चाचा-भतीजे के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. मंगलवार को चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चाचा पशुपति पारस (Pashupati Paras) पर हमला किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मैं दिल से चाहता हूं कि उन्हें मंत्री बनाया जाए. उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए इतनी बदनामी ली है तो उनकी मनोकामना पूरी होनी चाहिए.

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चिराग ने कहा, "मैं दिल से चाहता हूं कि पशुपति पारस मंत्री बनें, अगर उन्होंने अपनी निजी महत्वाकांक्षा के लिए इतनी बदनामी ली है तो उनकी मनोकामना पूरी हो."

उन्होंने कहा, "वो लोजपा (LJP) कोटे से मंत्री नहीं बन सकते, शायद प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी न हो क्योंकि वो बिजी होंगे. वो निर्दलीय मंत्री बन सकते हैं, अगर वो LJP के नाम पर मंत्री बनते हैं तो मैं इसका विरोध करूंगा और कोर्ट की शरण लूंगा. लेकिन अगर उन्हें JDU में शामिल कराकर मंत्री बनाया जाता है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं. पर LJP कोटे से मंत्री बनाया जाएगा तो मैं आपत्ति दर्ज कराऊंगा."

दरअसल, मोदी सरकार के कैबिनेट में बदलाव (Modi Cabinet Reshuffle) होने वाला है और ऐसी चर्चा है कि पशुपति पारस को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. चिराग पासवान इसी बात पर बोल रहे थे. 

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ये भी पढ़ें-- पशुपति पारस को अमित शाह का फोन, क्या चिराग पासवान की चिंता बढ़ाएगा?

पार्टी के 95% लोग मेरे साथ हैंः चिराग

चिराग ने बताया कि जिन सांसदों ने बगावत की थी, उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. उन्होंने बताया, "बागी सांसदों ने हमारे आदरणीय रामविलास पासवान के विचारों को कुचलते हुए अलग गुट बनाया, इसलिए कार्यकारिणी ने इन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया है." 

उन्होंने कहा, "अगर आप कहते हैं कि आपको राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है और दूसरी तरफ आप उसकी प्रणाली नहीं बताते तो ये सही नहीं है. इन लोगों ने महज एक औपचारिकता पूरी की है." चिराग ने कहा कि 95% लोग मेरे साथ हैं. मैं चुनौती देता हूं कि इसको गलत साबित करें.

जिन्होंने पिता को अपमानित किया, चाचा उनकी गोद में बैठे

चिराग पासवान ने आगे कहा, "आज मेरे पिताजी के फैसलों पर ही सवाल उठाया जा रहा है. मुझे तकलीफ इस बात की है कि इन्होंने चिराग पासवान की पीठ पर नहीं बल्कि रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की पीठ में छुरा घोंपा है. अभी मेरे पिता को गए 9 महीने हुए हैं और अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए आप किसके साथ खड़े हैं, जिन्होंने हमारी पार्टी को तोड़ने का काम किया. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कब-कब अपमानित नहीं किया रामविलास पासवान को और आप नीतीश कुमार की गोद में बैठकर अपने भाई को श्रद्धांजलि दी रहे हैं."

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उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने आज भी रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि देना जरूरी नहीं समझा और चाचा उनकी गोद में बैठे हुए हैं. कल मेरी यात्रा में अपार जनसैलाब था, वो ऐतिहासिक था. ये समर्थन चिराग को नहीं रामविलास पासवान को मिला. ये समर्थन उन लोगों के खिलाफ है जिन्होंने उनकी मौत के बाद उनकी विचारधारा से समझौता किया."

दोफाड़ होने के बावजूद LJP की कमान अब भी चिराग पासवान के हाथों में है!

समझौता किया होता तो न जाने कितने पदों पर होता

चिराग ने JDU पर तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा, "यह पहली बार नहीं है कि उन्होंने पार्टी को तोड़ने का काम किया हो. इससे पहले भी वो पार्टी तोड़ने का काम कर चुके हैं. नीतीश कुमार ने हमारे नेता को अपमानित करने का काम किया और ये लोग उनके साथ जा कर बैठ गए हैं. आप को शुभकामनाएं मेरी."

उन्होंने कहा, "अगर मैंने समझौता किया होता तो बिहार में उपमुख्यमंत्री से लेकर केंद्र में मंत्री, न जाने कितने पदों पर होता. सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, सबसे पहले अगर कोई टूट होगी तो JDU में होगी."

तेजस्वी के ऑफर भी कही ये बात 

LJP में टूट के बाद तेजस्वी यादव की ओर से चिराग को महागठबंधन में शामिल होने का ऑफर दिया गया. इस पर चिराग ने कहा, "जिन्होंने भी मुझे ऑफर दिया है, उनका धन्यवाद. लेकिन अभी गठबंधन के बारे में बात करने की जरूरत नहीं है. जब चुनाव आएंगे तो इसपर चर्चा की जाएगी. अभी मेरा ध्यान आशीर्वाद यात्रा के जरिए लोगों का आशीर्वाद लेना है."

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