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बंगाल के बाद अब गुजरात में 'खेला होबे', पहली बार अहमदाबाद में लगे ममता के बैनर

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब बंगाल के बाद गुजरात में भी 'खेला' करने के मूड में हैं और इसकी तैयारी उन्होंने शुरू कर दी है. बुधवार को ममता बनर्जी एक वर्चुअल मीटिंग करने जा रही हैं और इसी के बैनर अहमदाबाद में भी लगाए गए हैं.

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अहमदाबाद में लगा ममता का बैनर
अहमदाबाद में लगा ममता का बैनर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बुधवार को ममता की वर्चुअल मीटिंग
  • अहमदाबाद में लगे ममता के बैनर
  • ममता की नजरें अब गुजरात पर

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के विधानसभा चुनावों में जीत के बाद अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की नजर दूसरे राज्यों पर है. सीएम ममता और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नजरें अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के गृह राज्य गुजरात पर हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election 2022) होने हैं. 

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गुजरात में होगा 'खेला'

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब बंगाल के बाद गुजरात में भी 'खेला' करने के मूड में हैं और इसकी तैयारी उन्होंने शुरू कर दी है. 21 जुलाई को ममता बनर्जी शहीद दिवस (Shahid Divas) के तौर पर मनाती हैं और बुधवार को इसी दिन ममता देशभर में वर्चुअल रैली करने जा रही हैं.

अब तक ममता बनर्जी शहीद दिवस का कार्यक्रम कोलकाता और बंगाल तक ही सीमित रखती थीं, लेकिन अब देश के कई राज्यों में वर्चुअल मीटिंग करने जा रही हैं. गुजरात में गुजराती भाषा में ही इस वर्चुअल मीटिंग के बैनर लगा दिए गए हैं.

ये भी पढ़ें-- बंगाल: CM ममता और प्रशांत किशोर ने की तीन घंटे मीटिंग, राष्ट्रीय राजनीति का ब्लूप्रिंट तैयार कर रही TMC

पहली बार गुजरात में ममता के बैनर लगे

अहमदाबाद के स्टेट ट्रांसपोर्ट बस स्टैंड पर गुजराती भाषा में लगाए गए इन बैनरों पर लिखा है कि 21 जुलाई को ममता दीदी दोपहर 2 बजे वर्चुअली संबोधित करेंगी. गुजरात में ममता बनर्जी की तस्वीर के साथ लगे बैनर काफी कुछ कहते हैं. ये पहली बार है जब ममता की तस्वीर वाले बैनर गुजरात में लगे हैं. बंगाल में जीत के बाद बुलंद हौसलों के साथ ममता दीदी गुजरात के चुनावी मैदान में उतरने की तैयारियों में जुट गई हैं. 

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बस स्टैंड पर लगा बैनर.

प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के गृहराज्य में ममता बनर्जी की ये चुनावी दस्तक बहुत कुछ बयां करती है. ममता दीदी के पोस्टर अहमदाबाद के स्टेट ट्रांसपोर्ट बस स्टैंड पर लगाए गए हैं, जहां दिन के हजारों लोग आते जाते हैं. ऐसे में ममता का निशाना अब ईस्ट से वेस्ट की ओर आगे बढ़ रहा है. इन बैनरों को देखकर यही कयास लगाए जा रहे हैं कि ममता दीदी अब गुजरात के चुनावों में भी उतरने की तैयारी कर रहीं हैं.

क्यों मनाती हैं शहीद दिवस?

21 जुलाई के दिन ममता शहीद दिवस (Shahid Divas) के तौर पर इसलिए मनाती हैं, क्योंकि इस दिन 1993 में जब ममता यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष थीं तब पुलिस की गोली से प्रदर्शन कर रहे 13 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी. तभी से उनकी याद में ममता हर साल शहीद दिवस मनाती हैं.

 

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