कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है. फेसबुक पर हेट स्पीच को लेकर छिड़ी बहस के बीच दिग्विजय सिंह ने कहा कि 2024 संसदीय चुनाव भारत का आखिरी चुनाव हो सकता है, अगर हम भारतीय बैलेट पेपर पर वापस जाने के लिए नहीं उठते हैं.
दरअसल, पत्रकार कारोल कैडवलडर ने ट्वीटर पर अपना एक वीडियो शेयर किया और लिखा, 'फेसबुक एक घातक वैश्विक शक्ति है जो उदार लोकतंत्र को नष्ट कर रही है - जब मैंने TED में यह कहा था, तो यह वास्तव में सिलिकॉन वैली कहा जाता था. 16 महीने, हर कोई अब इसे देखता है, लेकिन हम हेडलाइट्स में जमे हुए हैं. एक आने वाली मालगाड़ी की तरह लगता है.'
You are absolutely right Madam, EVM is destroying Indian Democracy through mass rigging of Parliament Elections in India through Technology. 2024 Parliament Elections may be the last Election in India if we Indians don’t wake up to go back to Ballot Paper. https://t.co/Dg31k88gdI
— digvijaya singh (@digvijaya_28) August 31, 2020
इस वीडियो को शेयर करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'आप बिलकुल सही कह रही हैं मैडम, ईवीएम टेक्नोलॉजी, भारत में संसदीय चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली करके भारतीय लोकतंत्र को नष्ट कर रही है. 2024 संसद चुनाव भारत का आखिरी चुनाव हो सकता है अगर हम भारतीय बैलेट पेपर पर वापस जाने के लिए नहीं उठते हैं.'
अपने अगले ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के शिवराज सरकार पर निशाना साधा. दिग्विजय ने कहा, 'कमलनाथ सरकार ने गौशालाओं के लिए 132 करोड़ का प्रावधान रखा था, जिसे बीजेपी सरकार ने घटाकर 11 करोड़ कर दिया है. अब आप ही बताईए कौन है गौ माता का असली भक्त, कमलनाथ जी या शिवराज सिंह चौहान जी?'
Extremely sad that an eminent Lawyer honoured by Harvard Law School, invited in India to become a Judge in the High Court is in Jail since last 2 years without trial and evidence. Her bail application has been rejected from Lower Court to the Supreme Court. Sad. https://t.co/ZOGFsf4q4A
— digvijaya singh (@digvijaya_28) August 31, 2020
वहीं, सुधा भारद्वाज का मसला उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, 'अत्यंत दुख की बात है कि हार्वर्ड लॉ स्कूल द्वारा सम्मानित एक प्रतिष्ठित वकील, जिसे उच्च न्यायालय में जज बनने के लिए भारत में आमंत्रित किया गया था, पिछले 2 वर्षों से बिना किसी मुकदमे और सबूत के जेल में है. निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उसकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है.'