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'वायनाड भूस्खलन की अर्ली वॉर्निंग पर गुमराह किया', गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कांग्रेस ने की विशेषाधिकार हनन की शिकायत

कांग्रेस के मुख्य व्हीप जयराम रमेश ने राज्यसभा चेयरमैन को पत्र लिखकर ये शिकायत की है. अपने शिकायत पत्र में जयराम रमेश ने लिखा, "केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों पर कई दावे किए और बताया कि कैसे त्रासदी से काफी पहले केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए अलर्ट के बावजूद केरल सरकार द्वारा उनका उपयोग नहीं किया गया. इन दावों की मीडिया में बड़े पैमाने पर तथ्य-जांच की गई है. 2 अगस्त, 2024 को प्रकाशित एक ऐसी विस्तृत तथ्य-जांच संलग्न है."

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राज्यसभा में अमित शाह ने वायनाड को लेकर भाषण दिया था
राज्यसभा में अमित शाह ने वायनाड को लेकर भाषण दिया था

केरल के वायनाड जिले में तीन दिन पहले हुए भीषण भूस्खलन में अब तक 300 से अधिग लोगों की मौत हो चुकी है और कई अब भी लापता बताए जा रहे हैं. रेस्क्यू अब भी जारी है. इसमें सेना, नेवी और एयरफोर्स के साथ बचावकर्मियों की 40 टीमें जुटी हैं. इस सबके बीच कांग्रेस ने वायनाड में पूर्व चेतावनी प्रणाली के दावों पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई है.

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कांग्रेस के मुख्य व्हीप जयराम रमेश ने राज्यसभा चेयरमैन को पत्र लिखकर ये शिकायत की है. अपने शिकायत पत्र में जयराम रमेश ने लिखा, "केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों पर कई दावे किए और बताया कि कैसे त्रासदी से काफी पहले केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए अलर्ट के बावजूद केरल सरकार द्वारा उनका उपयोग नहीं किया गया. इन दावों की मीडिया में बड़े पैमाने पर तथ्य-जांच की गई है. 2 अगस्त, 2024 को प्रकाशित एक ऐसी विस्तृत तथ्य-जांच संलग्न है." 

उन्होंने आगे लिखा, "यह स्पष्ट है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अर्ली वॉर्निंग पर अपने जोरदार बयानों से राज्यसभा को गुमराह किया, जो झूठे साबित हुए हैं. यह अच्छी तरह से स्थापित है कि किसी मंत्री या सदस्य द्वारा सदन को गुमराह करना विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना ​​​​है. इन परिस्थितियों में, हम प्रस्तुत करते हैं कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार कार्यवाही शुरू की जा सकती है."

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गृह मंत्री अमित शाह ने क्या कहा था?

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड की घटना को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि केरल की सरकार को 23 जुलाई को ही अर्ली वार्निंग केंद्र सरकार की ओर से दी गई थी. केरल सरकार को 23, 24 और 25 जुलाई को अर्ली वार्निंग दी गई थी. 26 जुलाई को ये कहा गया कि 20 मिलीमीटर से अधिक वर्षा होगी, लैंडस्लाइड भी हो सकता है, मड भी आ सकता है और कुछ लोग दबकर मर भी सकते हैं. हमारी अर्ली वार्निंग पढ़िए जरा.

उन्होंने आगे कहा कि कई सरकारों को हमने पहले भी अर्ली वार्निंग दी है और उन्होंने अच्छा काम भी किया है. ओडिशा को तूफान के लिए सात दिन पहले अर्ली वार्निंग दी गई थी. तब ओडिशा में हमारी सरकार नहीं थी, नवीन बाबू की थी और उसमें केवल एक व्यक्ति की मौत हुई थी. पश्चिम बंगाल की सरकार को भी अर्ली वार्निंग दी गई थी और वहां की सरकार ने भी अच्छा काम किया. केवल सात मवेशी मारे गए थे. हमारे पास दुनिया का सबसे आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम है.

अमित शाह ने कहा कि मेरे ही अनुमोदन से एनडीआरएफ की नौ टीमें 23 तारीख को केरल के लिए रवाना हो गई थीं. तीन टीमें कल (30 जुलाई) रवाना की गईं. उन्होंने कहा कि केरल सरकार एनडीआरएफ के पहुंचने पर भी अलर्ट हो गई होती तो जानें बचाई जा सकती थीं. केरल की सरकार ने वहां से लोगों को नहीं निकाला. लोगों को वहां से निकाल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने से किसने रोक रखा था भाई. ये समय राजनीति का नहीं, केरल की सरकार और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़े होने का है.

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