गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के साथ विवाद बना हुआ है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि संसद में कानून बना था कि जीएसटी से हुए घाटे के लिए केंद्र राज्यों को मुआवजा देगा, लेकिन अब वह विरोध कर रहा है. राज्यों को इसके लिए विरोध करना चाहिए.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि संसद ने एक कानून पारित किया कि केंद्र 5 साल तक जीएसटी से हुए घाटे के लिए राज्यों को मुआवजा देगा. लेकिन केंद्र अब पलट रहा है और राज्यों से कह रहा है कि उन्हें अपने नुकसान की भरपाई के लिए उधार लेना चाहिए. केंद्र के कानूनी दायित्वों को छोड़ा जा रहा है. दयनीय! राज्यों को विरोध करना चाहिए.
दिल्ली के साथ सौतेल व्यवहारः सिसोदिया
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के बाद केंद्र पर राष्ट्रीय राजधानी के साथ सौतेले व्यवहार करने का आरोप लगाया.
सिसोदिया ने कहा कि जीएसटी लागू करने में केंद्र सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है. केंद्र ने राज्यों से टैक्स संबंधी अधिकार छीन लिए हैं. जीएसटी लागू करते वक्त भरोसा दिया गया था कि राज्यों के नुकसान की भरपाई की जाएगी, लेकिन अब केंद्र अपनी वैधानिक जिम्मेदारी से भाग रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली को कर्ज लेने का अधिकार नहीं है. केंद्र खुद आरबीआई से कर्ज लेकर राज्यों का मुआवजा दे.
इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को विपक्ष पर आरोप लगाते हए कहा था कि जीएसटी मुआवजे को अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाकर विपक्ष राजनीति करना चाहता है. केंद्र और राज्यों के बीच अविश्वास का माहौल पैदा करने के लिए उनकी ही (यूपीए) पूर्व की सरकार दोषी है.
राज्यों को मिलेगा 2 विकल्प
मुआवजे को लेकर गैर बीजेपी शासित राज्यों के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने केंद्रीय बिक्री कर के मुआवजे को लेकर अपना वादा नहीं निभाया, जिससे इस तरह का अविश्वास का माहौल पैदा हुआ.
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राज्यों का आरोप है कि राज्यों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजा का भुगतान करने के संबंध में केंद्र सरकार अपनी प्रतिबद्धता से मुकर गई. वित्त मंत्री ने कहा कि इस अविश्वास के चलते शुरुआत में जीएसटी लागू करने में कठिनाई आई.
जीएसटी मुआवजे के मसले को लेकर कल गुरुवार को बुलाई गई जीएसटी परिषद की करीब 5 घंटे तक बैठक चली. बैठक के बाद वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, 'मैं राज्यों का शुक्रगुजार हूं कि जीएसटी परिषद की बैठक में उन्होंने मुआवजे को लेकर किसी प्रकार की राजनीति करने की कोशिश नहीं की. मौजूदा हालात को लेकर उनकी चिंता थी और मुआवजे की समस्या का समाधान चाहते थे.'
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जीएसटी परिषद की 41वीं बैठक में यह तय हुआ कि जीएसटी मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 2 विकल्पों पर राज्य अपनी राय देंगे.