राज्यसभा में मंगलवार को महंगाई के मुद्दे पर जमकर बहस हुई. जिसमें देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने विपक्ष के सवालों के जबाव दिए. दोपहर दो बजे शुरू हुई बहस 5 घंटे तक चलती रही. विपक्ष ने देश में बढ़ती महंगाई रोकने के लिए सरकार के कदम को नाकाफी बताया. वहीं निर्मला सीतारमण ने महंगाई को काबू करने के लिए सरकार के लिए फैसलों को सामने रखा.
इस बीच कांग्रेस की सांसद रजनी पाटिल तो गले में सब्जियों की माला डाले हुए नजर आईं. उनका कहना है कि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में आम व्यक्ति अपना घर कैसे चला सकेगा.
बहस के दौरान कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन ने कहा कि- आरटीआई से मिले डाटा के अनुसार उज्जवला योजना वाले साढ़ चार करोड़ परिवार सिलिंडर नहीं भरा पा रहे हैं. वहीं ढाई करोड़ परिवार ऐसे हैं जो साल में केवल एक बार सिलिंडर भरा पा रहे हैं. ऐसे में देश के 7 करोड़ परिवार सिलिंडर भराने में असमर्थ हैं. सरकार की चलाई उज्जवला योजना कहां तक सार्थक है? रंजीत रंजन के सवाल का जबाव देने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विपक्ष द्वारा शोर करके रोका गया.
गले में सब्जियों की माला डाल जताया विरोध
महंगाई के विरोध के लिए विपक्ष के सदस्यों को अनोखा तरीका अपनाते देखा गया. कांग्रस की एमपी रजनी पाटिल अपने गले में टमाटर-गोभी की माला लटकाए विरोध करती नजर आईं. रजनी सिंह ने कहा है कि सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं. गोभी, टमाटर, बेंगन के 150 रुपये किलो के ऊपर है. ऐसे में आम जनता का घर चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है.
रुपये की गिरती कीमत पर भी घेरा
डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये पर कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने सदन को याद दिलाते हुए कहा कि यूपीए सरकार में रुपये के डॉलर के मुकाबले कमजोर होने पर मोदी ने कहा था कि रुपये की कीमत प्रधानमंत्री की उम्र के बराबर हो रही है. अब यहां मैं कह सकती हूं कि रुपया पीएम मोदी की उम्र को पार कर गया है. पीएम मोदी के दो जन्मदिन आते हैं और रुपये की गिरती कीमत उससे कहीं आगे निकल गई है.
वहीं, राज्यसभा में AAP के सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर जनता पर आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाते हुए कहा है कि "जिनके हाथ में छाले रहते हैं, आबाद उन्हीं के दम पर महल वाले रहते रहते हैं ".