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कर्नाटक विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने जारी की 43 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट

कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 43 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी की. कांग्रेस ने अब तक 209 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें पहली लिस्ट में 124 सीटें और दूसरी लिस्ट में अन्य 42 सीटें शामिल हैं. 15 और उम्मीदवारों की सीटों की घोषणा करना अभी बाकी है.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 43 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी की. इसमें अथानी विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी को उतारा गया है. कांग्रेस ने कोलार विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को न उतार कर कोथुर जी मंजूनाथ को टिकट दिया है.

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सिद्धारमैया दूसरे निर्वाचन क्षेत्र के रूप में कोलार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाह रहे थे. पार्टी ने उन्हें पहले ही वरुणा निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है, जिसका प्रतिनिधित्व पहले उनके बेटे करते थे. पार्टी ने कुम्ता विधानसभा सीट से पूर्व गवर्नर मार्गरेट अल्वा के बेटे निवेदित अल्वा को भी मैदान में उतारा है.

कांग्रेस ने अब तक 209 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें पहली लिस्ट में 124 सीटें और दूसरी लिस्ट में अन्य 42 सीटें शामिल हैं. 15 और उम्मीदवारों की सीटों की घोषणा करना अभी बाकी है. सावदी शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो गए थे. उन्होंने बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. 

बेलगावी जिले के लिंगायत नेता सावदी ने शुक्रवार को कांग्रेस कार्यालय जाने से पहले विधान परिषद और भाजपा से इस्तीफा दे दिया.

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BJP ने बनाई टीम 'सुपर 60'
भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात की तर्ज पर कर्नाटक में भी फिर से सरकार बनाने की खास रणनीति तैयार कर ली है. इस रणनीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए बीजेपी कर्नाटक की 60 कमजोर सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जिताने में पूरा जोर लगाएगी. यहां चुनावी फीडबैक के आधार पर जो कमजोर सीटें मानी जाती हैं, उन्हें मजबूती दी जाएगी. कर्नाटक की सीटों पर जीत के लिए बीजेपी ने अपने 60 नेताओं की स्पेशल टीम बनाई है. इन्हें राज्य में बहुमत का आंकड़ा 112 से ज्यादा सीटों पर जीत के लक्ष्य के साथ राज्य में इन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है. इन 60 सीटों में खासतौर पर वो सीटें शामिल हैं, जिन पर साल 2018 में बीजेपी दूसरे नंबर पर रही थी या बेहद मामूली अंतर से हारी थी.

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