कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सोमवार को दो प्रस्ताव पास किए गए. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी में जो दो प्रस्ताव पास किए गए हैं, उनमें से एक प्रस्ताव कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव को टालने का है. उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से अध्यक्ष पद के चुनाव को टाला जा रहा है. दूसरा प्रस्ताव मोदी सरकार की वैक्सीन पॉलिसी के खिलाफ है.
वेणुगोपाल का कहना है कि "मोदी सरकार की वैक्सीन पॉलिसी चिंता बढ़ाने वाली है. अभी वैक्सीन की जितनी सप्लाई हो रही है, वो पर्याप्त नहीं है, फिर भी सरकार इस बात को मानने को तैयार नहीं है. वैक्सीन की अलग-अलग कीमतें भी भेदभावपूर्ण हैं." उन्होंने कहा, "मोदी सरकार ने 18 से 45 साल के लोगों को वैक्सीन लगाने की जिम्मेदारी राज्यों पर डाल दी है. राज्य पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं. वॉक-इन की बजाय ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने से लाखों लोग वैक्सीनेशन प्रोग्राम से बाहर हो रहे हैं."
केसी वेणुगोपाल ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "ऐसे वक्त में जब लोगों को वैक्सीन, दवा और ऑक्सीजन की जरूरत है, तब मोदी सरकार राजधानी में पीएम का महल बनाने पर पैसा खर्च कर रही है. ये अपराध है." उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी का मानना है कि पीएम को अब अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करना चाहिए और लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.
इसके अलावा वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव टालने का फैसला भी लिया गया है. बैठक में तय हुआ कि जब देश में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, तब अध्यक्ष पद का चुनाव कराना सही नहीं है. 2019 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके बाद सोनिया गांधी दोबारा अध्यक्ष बनी थीं. तब से अब तक तीन बार अध्यक्ष पद के चुनाव टाले जा चुके हैं.