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CWC की बैठक में नेतृत्व के मुद्दे पर हुई खुली चर्चा, चिट्ठी पर दस्तखत करने वालों ने भी रखी अपनी राय

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक चल रही है. इस दौरान सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की है. वहीं, राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की चिट्ठी पर सवाल उठाए हैं.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • आज थी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक
  • पार्टी नेतृत्व पर बैठक में हुई खुली चर्चा
  • सोनिया गांधी ने की इस्तीफे की पेशकश

कांग्रेस में नेतृत्व संकट के बीच आज कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक हुई. इस दौरान नेतृत्व के सवाल पर खुलकर बात हुई. बैठक के दौरान पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि वो अब आगे पार्टी अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहती हैं. हालांकि बैठक में सर्वसम्मति से यही फैसला लिया गया कि फिलहाल सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी. अगले कुछ महीनों में एआईसीसी के चुनाव होंगे जिसमें नया अध्यक्ष चुन लिया जाएगा.

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पढ़ें लाइव अपडेट्स

8.10 PM: CWC की बैठक खत्म होते ही कई नेता गुलाम नबी आजाद के आवास पर पहुंचे. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, शशि थरूर आजाद के आवास पर गए हैं.

6.35 PM: CWC में सोनिया गांधी ने साफ-साफ कहा है कि पार्टी की बात पार्टी फोरम पर ही कहनी चाहिए. सोनिया ने कहा कि सबको साथ मिलकर काम करना चाहिए. मैं किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं रखती हूं. लेकिन, पार्टी की बात पार्टी फोरम पर ही कहनी चाहिए.

6.30 PM: केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला थोड़ी देर बाद (शाम 6 बजकर 45 मिनट पर) पार्टी कार्यालय में कांग्रेस कार्यसमिति की संक्षिप्त जानकारी देंगे.

6.20 PM: CWC मीट में अंबिका सोनी ने पत्र लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी अनुशासनहीनता की है, उस पर कांग्रेस के संविधान के अनुसार निर्णय लिया जाना चाहिए.

5.50 PM: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में फैसला लिया गया है कि सोनिया गांधी अगले एक साल तक पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी.

5.10 PM:  कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक जल्द ही खत्म हो सकती है. संभावना है कि शाम 6.30 बजे तक सीडब्ल्यूसी की इस बैठक में हुई बातों पर एक आधिकारिक बयान भी जारी किया जाएगा.

5.00 PM: चिट्ठी पर साइन करने वाले नेताओं में से एक मुकुल वासनिक अपनी बात कहते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा अहमद पटेल से ज्यादा मैंने सोनिया गांधी से सीखा है. मैं उनका शुक्रगुजार हूं. उन्होंने मुझे हर चीज सिखाई उन्हीं की वजह से मैं आज यहां तक पहुंचा हूं. अगर मुझसे कोई गलती हो गई है तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं.

4.50 PM: कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में आरपीएन सिंह ने अपनी बात रखी. आरपीएन सिंह ने कहा कि हम सबको सोनिया गांधी से सीखना चाहिए उन्होंने इतना संघर्ष किया. झारखंड में जब चुनाव थे तो उन्होंने अंतरिम अध्यक्ष का पद संभाला था. उन्होंने झारखंड में पूरा वक्त दिया. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है. मैं मांग करता हूं कि वह हमारी अध्यक्ष बनी रहें. उन्हीं के नेतृत्व में आगे चुनाव कराए जाएं.

4.40 PM: दिल्ली में कांग्रेस काउंसलर संदीप तंवर ने कांग्रेस नेतृत्व को लेकर छिड़े विवाद में खून से खत लिख डाला. तंवर ने यह चिट्ठी राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने के हक में लिखी है. सोनिया गांधी को लिखी गई चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि अगर राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो यह पार्टी के हित में फैसला नहीं होगा क्योंकि राहुल गांधी ने जमीनी लड़ाई लड़ी है.

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कांग्रेस नेता ने खून से लिखी चिट्ठी
कांग्रेस नेता ने खून से लिखी चिट्ठी

4.30 PM: मध्य प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने पार्टी में उठे लेटर विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि चिट्ठी की बातें किसी भी व्यक्ति या गांधी परिवार के खिलाफ नहीं थीं. वह सिर्फ एक सुझाव था. सोनिया जी पद अपने पास रखने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में अगर राहुल गांधी कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं, तो यह ठीक है, लेकिन यदि नहीं, तो पार्टी नेतृत्व पार्टी के संविधान के तहत सोचे और फैसला ले.

4.09 PM: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बीजेपी से जुड़े होने वाले विवाद पर अपने ट्वीट के जरिए सफाई दी है. आजाद ने कहा है कि राहुल गांधी ने यह कभी नहीं कहा, न ही सीडब्ल्यूसी में न ही बाहर, कि यह पत्र (पार्टी नेतृत्व के बारे में सोनिया गांधी को) बीजेपी के साथ मिलकर लिखा गया था.


3.40 PM: झारखंड में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सोरेन सरकार में मंत्री रामेश्वर उरांव ने सोनिया गांधी को पार्टी का लाइफटाइम अध्यक्ष बनाने की मांग की.

2.45 PM: अहमद पटेल ने कहा कि राहुल गांधी आगे आएं और पार्टी की जिम्मेदारी संभालें.

1.58 PM: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि पार्टी के सीनियर नेताओं को इस तरह की चिट्ठी नहीं लिखनी चाहिए थी.

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1.51 PM: राहुल गांधी के बयान पर बवाल जारी है. इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल ने बीजपी से मिलीभगत का कोई बयान नहीं दिया है. इसके थोड़ी देर बाद ही कपिल सिब्बल ने ट्वीट करके कहा कि राहुल गांधी से मेरी बात हुई और उन्होंने ऐसे किसी बयान से इनकार किया है, इसलिए मैं पुराना ट्वीट वापस लेता हूं.

1.15 PM: सोनिया गांधी को लिखी गई चिट्ठी पर बवाल जारी है. राहुल गांधी के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नाराजगी जाहिर की है. प्रियंका ने गुलाम नबी आजाद से नाराज हैं.

12.55 PM: गुलाम नबी आजाद के बाद चिट्ठी लिखने वाले एक और नेता कपिल सिब्बल ने राहुल के आरोपों का जवाब ट्विटर पर दिया है. उन्होंने कहा कि पिछले 30 साल के दौरान मैंने किसी भी मुद्दे पर बीजेपी के पक्ष में बयानबाजी नहीं की, फिर मुझ पर मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है.

12.50 PM: कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के दौरान राहुल गांधी ने चिट्ठी लिखने वाले नेताओं पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाया. चिट्ठी लिखने वाले नेताओं में से एक गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर आरोप सच साबित होता है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा

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12.25 PM. सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने सोनिया गांधी से पद पर बने रहने की मांग की है.

12.21 PM: पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने राहुल गांधी से कहा कि वह अपने फैसले पर दोबारा विचार करें. राहुल गांधी से कांग्रेस अध्यक्ष ना बनने के फैसले पर दोबारा मंथन करने को कहा गया.

12.05 PM: राहुल गांधी ने चिट्ठी लीक होने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि मैं इससे काफी दुखी हूं. 

12.00 PM: राहुल गांधी ने चिट्ठी को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि आखिर यह टाइमिंग क्यों चुनी गई, जब राजस्थान और मध्य प्रदेश में हम लड़ रहे थे, जब सोनिया गांधी बीमार थीं, उस वक्त चिट्ठी क्यों लिखी गई.

11.49 AM: केसी वेणुगोपाल ने सोनिया गांधी की चिट्ठी पढ़ी, जिसमें उन्होंने (सोनिया गांधी) अंतरिम अध्यक्ष पद से हटने की मंशा जाहिर की है और कहा है कि नए अध्यक्ष की तलाश के प्रक्रिया शुरू की जाए.

11.46 AM: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की. इस पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस्तीफा वापस लेने और पद पर बने रहने की सलाह दी. एके एंटनी ने कहा कि कैसे कोई हाईकमान को कमजोर कह सकता है.

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11.30 AM: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की है.

कांग्रेस की बैठक शुरू

11.12 AM: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शुरू हो गई है.

11.03 AM: कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कुल 48 सदस्य शामिल होंगे. इसमें पार्टी के पदाधिकारियों के अलावा सीडब्लूसी के स्पेशल इंवाइटी और चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे. मध्य प्रदेश के पूर्व प्रभारी दीपक बाबरिया और राजस्थान के पूर्व प्रभारी अविनाश पांडे नहीं मौजूद रहेंगे. बैठक में अजय माकन राजस्थान प्रभारी महासचिव के तौर पर शामिल होंगे.

कांग्रेस मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ता

10.30 AM: कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले कांग्रेस मुख्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ता हाथ में बैनर लेकर पहुंच गए हैंच

23 नेताओं की चिट्ठी के बाद बुलाई गई बैठक

CWC की इस बैठक में न सिर्फ ये तय हो सकता है कि सोनिया गांधी आगे कांग्रेस का नेतृत्व जारी रखेंगी या नहीं बल्कि गांधी परिवार से ही पार्टी के नेतृत्व के सवाल पर खुली चर्चा हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को बता दिया है कि उन्होंने अंतरिम अध्यक्ष का 1 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है और अब पार्टी के अध्यक्ष पद को छोड़ना चाहती हैं. CWC की ये बैठक सोनिया गांधी को करीब 2 हफ्ते पहले लिखी गई एक चिट्ठी की प्रतिक्रिया के तौर पर बुलाई गई है.

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कम से कम 23 नेताओं जिनमें CWC के सदस्य, UPA सरकार में मंत्री रहे नेता और सांसदों ने सोनिया गांधी को संगठन के मसले पर चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में सशक्त केंद्रीय नेतृत्व के साथ पार्टी को चलाने की सही रणनीति पर जोर दिया गया है. इसमें कहा गया है कि नेतृत्व ऐसा हो जो सक्रिय हो और जमीन पर काम करता दिखे.

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सूत्रों के मुताबिक चिट्ठी में कहा गया कि कांग्रेस का फिर उठ खड़ा होना लोकतंत्र के लिए जरूरी है, इसमें बीजेपी के उभार और उसे युवाओं को मिले समर्थन का जिक्र है. चिट्ठी में कहा गया है कि ब्लॉक स्तर से लेकर CWC का चुनाव फिर से हो और प्रभावी सामूहिक जिम्मेदारी वाला सिस्टम बने. 

चिट्ठी में CWC के कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं और कहा गया है कि मुश्किल समय में CWC पार्टी को गाइड नहीं कर सका. सूत्रों के मुताबिक, चिट्ठी पर गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा और अरविंदर सिंह लवली जैसे युवाओं ने दस्तखत किए हैं. सूत्र बताते हैं कि चिट्ठी मिलने के बाद सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद से फोन पर बात की है. कई कांग्रेस नेताओं का मानना है कि 2 हफ्ते पहले सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वाले कई नेता अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. 

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1991 से साल 2020 के बीच कौन-कौन रहा अध्यक्ष

1991 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद ऐसे हालात बने कि पीवी नरसिम्हा राव को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया. पीवी नरसिम्हा राव 1992 से 1996 तक कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर रहे. मगर चुनाव में करारी हार के बाद उन्हें अध्यक्ष पद से हटाकर सीताराम केसरी को कांग्रेस की कमान सौंप दी गई. सीताराम केसरी 1996 से 1998 तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे.

इस दौर में सोनिया गांधी के नाम की तूती बोलने लगी थी. उनका विदेशी होने का मुद्दा हावी हो रहा था और कांग्रेस से कई दिग्गज नेताओं ने पार्टी से किनारा कर लिया था. विवादों के चलते सीताराम केसरी को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया और कांग्रेस की कमान सोनिया गांधी ने संभाल ली.

1998 से लेकर 2017 तक सोनिया गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष लगातार चुनी गईं. लेकिन 2017 में अपनी उम्र और पार्टी को युवा नेतृत्व की जरूरत बताकर सोनिया गांधी ने पद छोड़ दिया. सोनिया गांधी के पद छोड़ने के बाद राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया.

राहुल गांधी 2017 से 2019 तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, मगर 2019 में लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद राहुल ने हार की जिम्मेदारी ली और कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया. राहुल गांधी के पद छोड़ने के बाद साल 2019 में एक बार फिर सोनिया गांधी एक साल के लिए पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनाई गईं. और अब अंतरिम अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने और अपनी उम्र का हवाला देकर सोनिया गांधी ने एक बार फिर पद छोड़ने की बात की है. 


 

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