कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में आज सवाई माधोपुर के भाड़ोति गांव से शुरू हुई. यात्रा में राहुल गांधी के साथ आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी शामिल हुए. बीजेपी अब इसको लेकर हमलावर है. बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि राजन, कांग्रेस के नियुक्त किए हुए शख्स थे, जिन्होंने अपना कर्ज उतारा है. रघुराम राजन खुद को मनमोहन सिंह के तौर पर देखते हैं, किसी खास एजेंडे के तहत यह कवायद अवसरवादी है.
वहीं अब बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस ने पलटवार किया. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- मुझे नहीं पता कि अमित मालवीय क्या दिखना चाहते हैं. बस मैं इतना जानता हूं कि पूरा मंत्रिमंडल रघुराम राजन की क्षमता की बराबरी नहीं कर सकता. अगर उन्होंने डॉ. राजन से सलाह ली होती तो यकीन मानिए देश की अर्थव्यवस्था इस संकट से बच जाती.
बीजेपी औसत दर्जे की सरकार: पवन खेड़ा
एआईसीसी प्रभारी पवन खेड़ा ने कहा कि बीजेपी क्यों परेशान है? वे उनकी सेवाएं ले सकते थे, जब डिमोनेटाइजेशन हुआ तब उन्होंने उनकी सलाह क्यों नहीं ली? बीजेपी औसत दर्जे की सरकार है.
BJP भूल जाती है कि आठ साल से वह सरकार में है, डिमोनेटाइजेशन क्या डॉ. रघुराम राजन से पूछकर किया था? आज रघराम राजनजी आए हैं. कई लोग- बड़े पत्रकार, लेखक, कलाकार भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होना चाहते हैं.
कांग्रेस ने ट्विटर पर शेयर की राजन की फोटो
कांग्रेस ने राहुल गांधी के साथ RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की तस्वीरें अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर की हैं. इसके साथ ही कांग्रेस ने कैप्शन लिखा -'नफरत के खिलाफ देश जोड़ने के लिए खड़े होने वालों की बढ़ती संख्या बताती है कि हम कामयाब होंगे.'
उदारवादियों ने राजन को महिमामंडित किया
बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कहा कि रघुराम राजन राहुल गांधी की यात्रा में उस वंश का अपना कर्ज चुकाने के लिए शामिल हुए, जिसने उन्हें गवर्नर बनाया था. रघुराम राजन को उदारवादियों द्वारा एक महान अर्थशास्त्री के रूप में महिमामंडित किया गया था, लेकिन वह नकली गांधी के दरबार के सिर्फ एक रत्न निकले.