तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार 1 मार्च को अपना 70वां जन्मदिन मनाया. इस दौरान कई मशहूर हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और स्वयंसेवकों की ओर से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं. स्टालिन का जन्मदिन मनाने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी और वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं द्वारा एक मेगा रैली का आयोजन किया गया. जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, बिहार के डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव समेत तमाम नेता शामिल हुए.
इस दौरान मीडिया से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “यह एक शानदार शुरुआत है. स्टालिन और डीएमके ने देश की एकता के लिए बहुत अच्छा काम किया है.
भारत विविधता में एकता का देश है,अगर हम विविधता की रक्षा करेंगे तो हम एकता की रक्षा करेंगे और इसलिए मुझे लगता है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को एकजुट करने की कोशिश अच्छी शुरूआत है. जब हम सभी एकजुट होंगे और जीतेंगे, उस समय तय करेंगे कि इस देश का नेतृत्व करने और एकजुट करने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति कौन है."
यह पूछे जाने पर कि स्टालिन के प्रधानमंत्री बनने की क्या संभावना है, फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “क्यों नहीं? इसमें गलत क्या है?”
फारूक अब्दुल्ला से यह भी पूछा गया कि क्या सीएम स्टालिन अब विपक्ष को एक साथ लाने के सूत्रधार बन गए हैं. जिस पर उन्होंने जवाब दिया, "मुझे लगता है कि वह सभी को जोड़ने का काम कर रहे हैं और मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि यह राष्ट्र को और मजबूत करने में उनकी मदद करे."