पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार सोमवार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के ऑफिस पहुंच गए. उन्होंने कांग्रेस जॉइन कर ली. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेता मौजूद रहे. पार्टी जॉइन करने के बाद उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ नेता के रूप में मेरे अपमान को कोई नहीं समझ पाया. मैंने बीजेपी पार्टी बनाई. बीजेपी ने मुझे सम्मान, पद और कद दिया है. मैंने भी पार्टी को बनाकर, वह सब लौटाया है. मैं हुब्बाली-धारवाड़ से छठी बार 20-25 हजार वोटों से जीता हूं. मैं अब वहां 7वीं बार जा रहा हूं.
वहीं कांग्रेस महासचिव (कर्नाटक प्रभारी) रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया- एक नया अध्याय, एक नया इतिहास, एक नई शुरुआत… बीजेपी के पूर्व सीएम, पूर्व भाजपा अध्यक्ष, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, छह बार विधायक, श्री जगदीश शेट्टार आज कांग्रेस परिवार में शामिल हो गए.
इससे पहले कांग्रेस नेता सुरजेवाला, सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में शेट्टार से मुलाकात की थी. शेट्टार रविवार को एक विशेष हेलीकॉप्टर में हुबली से बेंगलुरु गए थे और कांग्रेस महासचिव (कर्नाटक प्रभारी) रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस के राज्य प्रमुख डीके शिवकुमार, पूर्व मंत्री एमबी पाटिल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शमनूर शिवशंकरप्पा के साथ चर्चा हुई थी.
A New Chapter,
A New History,
A new Beginning….
Former BJP CM,
Former BJP President,
Former Leader of Opoosition,
Six times MLA,
Sh. Jagadish Shettar joins the Congress family today.@INCKarnataka welcomes him.
CHANGE IS HERE!
CONGRESS IS HERE! pic.twitter.com/QcYSM7GHWv— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) April 17, 2023
हालांकि इससे एक दिन पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और धर्मेंद्र प्रधान के साथ बातचीत की थी, लेकिन ये चर्चा विफल होने के बाद 6 बार के बीजेपी विधायक ने रविवार को विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था. प्रदेश में 10 मई को होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी द्वारा उनकी उम्मीदवारी पर कोई फैसला नहीं किए जाने से शेट्टार नाराज थे. शेट्टार ने आरोप लगाया कि उन्हें भाजपा का टिकट नहीं देकर अपमानित किया गया है.
मेरे खिलाफ साजिश रची गई: शेट्टार
शेट्टार ने कहा था- मैंने विधानसभा से इस्तीफा देने का फैसला किया है. मैंने सिरसी में मौजूद स्पीकर विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी से मिलने का समय मांगा है और अपना इस्तीफा दे दिया है. भारी मन से मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं. मैं वह हूं जिसने इस पार्टी को बनाया और खड़ा किया है. लेकिन उन्होंने (पार्टी के कुछ नेताओं ने) मेरे लिए पार्टी से इस्तीफा देने की स्थिति पैदा की.
उन्होंने कहा था कि पार्टी के नेता जगदीश शेट्टार को अभी तक नहीं समझ पाए हैं, जिस तरह से उन्होंने मुझे अपमानित किया, जिस तरह से पार्टी के नेताओं ने मुझे नजरअंदाज किया, उससे मैं परेशान हूं, जिससे मुझे लगा कि मुझे चुप नहीं बैठना चाहिए और मुझे उन्हें चुनौती देनी चाहिए. लिंगायत नेता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एक साजिश रची गई थी और कहा कि वह कभी भी एक सख्त स्वभाव के व्यक्ति नहीं थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें ऐसा बनने के लिए मजबूर किया.
शेट्टार को जनता माफ नहीं करेगीः येदियुरप्पा
बीजेपी नेता और कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ने बेंगलुरु में कहा कि कर्नाटक की जनता जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सावदी को माफ नहीं करेगी. येदियुरप्पा ने कहा, 'बीजेपी को दोबारा सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता. यह सूर्य और चंद्रमा की उपस्थिति के समान ही सत्य है. हमने नए चेहरों को मौका दिया है, नए समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया है. पार्टी ने उन्हें जो कुछ दिया है, उसे कृतज्ञता के रूप में वापस करना चाहिए. चुनाव हारने वाले लक्ष्मण सावदी को हमने एमलएसी बनाया फिर डिप्टी सीएम बनाया. लक्ष्मण सावदी का फैसला निराशाजनक रहा है.
मंत्री से लेकर सीएम तक का तय किया सफर
पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार स्वच्छ छवि के नेता माने जाते हैं. उन्हें सियासत विरासत में मिली है. शेट्टार के पिता एसएस शेट्टार हुबली-धारवाड़ के मेयर रहे हैं. इसके अलावा उनके भाई एमएलसी और चाचा विधायक हैं. इस तरह से शेट्टार परिवार की हुबली-धारवाड़ इलाके में मजबूत पकड़ है. शायद यही वजह है कि पिछले दिनों शेट्टार ने बीजेपी से कहा था कि अगर उन्हें टिकट नहीं दिया जाता है तो इसका असर राज्य के अलावा उत्तर कर्नाटक की 20 से 25 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा.
शेट्टार अपने पांच दशक के राजनीतिक सफर में मंत्री से लेकर सीएम रहे, लेकिन राजनीतिक जीवन में कोई दाग नहीं लगा है. उन्होंने पिछले दिनों कहा था- मैं छह बार जीता, मेरे करियर में कोई दाग नहीं है और मुझ पर कोई आरोप नहीं है. ऐसे में मुझे बाहर क्यों किया जा रहा है? कर्नाटक की सियासत में इतने लंबी पारी में भ्रष्टाचार के आरोपों से बचे रहना अपने आप में बड़ी बात है.