गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद ने सीनियर नेताओं को साइडलाइन करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को 5 पन्नों की चिट्ठी भेजकर इस्तीफा दे दिया है. देश के स्वास्थ्य मंत्री रहे आजाद को 2022 में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया था.
गुलाम नबी आजाद का जन्म 7 मार्च, 1949 को हुआ था. वह साल 2005 से 2008 तक जम्मू-कश्मीर के सातवें मुख्यमंत्री रहे और देश के स्वास्थ्य मंत्री भी रहे. उन्हें हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र में काम को देखते हुए भारत सरकार द्वारा 2022 में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.
गुलाम नबी आजाद ने 1973 में भालेसा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सचिव के रूप में अपना करियर शुरू किया था. उनकी सक्रियता और प्रदर्शन के साथ उन्हें 2 साल के भीतर जम्मू-कश्मीर प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया. 1980 में वह अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने. इसके साथ ही 1980 में वे महाराष्ट्र के वाशिम लोकसभा क्षेत्र से सांसद बने. 1982 में इंदिरा सरकार में उन्हें कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्रालय के प्रभारी उपमंत्री बनाया गया.
2005 में बने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री
आजाद 1984 में भी सांसद चुने गए. 1990-1996 के बीच महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद रहे. पीवी नरसिम्हा सरकार में उन्हें संसदीय मामलों और नागरिक उड्डयन मंत्रालायों में कार्य किया. गुलाम नबी को 1996 से लेकर 2008 तक जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा भेजा गया. उन्होंने 29 अप्रैल, 2006 को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और 2 नवंबर 2005 को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री बने. डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में दूसरी यूपीए सरकार के दौरान गुलाम नबी को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया. वे फिर से राज्यसभा के लिए चुने गए. उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के रूप में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में उनके काम के लिए जाना जाता है. उन्होंने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन भी शुरू किया.
2014 में बने राज्यसभा में नेता विपक्ष
2014 में जब नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो आजाद को राज्यसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया. गुलाम नबी आजाद को 15 फरवरी, 2021 को उच्च सदन से सेवानिवृत्त हुए. गुलाम को कांग्रेस की अभियान समिति का अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक मामलों की कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया था. उसके कुछ घंटे बाद ही 16 अगस्त को उन्होंने दोनों पद अस्वीकार कर दिए.
आजाद की विदाई पर भावुक हुए थे मोदी
गुलाम नबी आजाद के विदाई वाले दिन राज्यसभा में पीएम मोदी भावुक हो गए थे. उन्होंने कहा कि गुजरात के यात्रियों पर जब आतंकियों ने हमला किया, सबसे पहले गुलाम नबी आजाद जी का उनके पास फोन आया. वो फोन सिर्फ सूचना देने का नहीं था, फोन पर गुलाम नबी आजाद के आंसू रुक नहीं रहे थे. पीएम मोदी ने बताया कि उस वक्त प्रणब मुखर्जी रक्षा मंत्री थे, तो उनसे फौज के हवाई जहाज की व्यवस्था की मांग की. उसी दौरान एयरपोर्ट से ही गुलाम नबी आजाद ने फोन किया, जैसे अपने परिवार के सदस्य की चिंता की जाती है वैसी ही आजाद जी ने उनकी चिंता की. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि उनके द्वार हमेशा खुले हैं.
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लंबे वक्त से नाराज थे आजाद
गुलाम नबी आजाद लंबे वक्त से कांग्रेस से नाराज थे. वे कांग्रेस के नाराज नेताओं के जी-23 गुट में भी शामिल थे. जी-23 गुट कांग्रेस में लगातार कई बदलाव की मांग करता रहा है. इससे पहले कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. उन्हें सपा ने राज्यसभा भेजा है.
गुलाम नबी आजाद की नाराजगी तब सामने आई थी, जब उन्होंने अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के कुछ घंटों बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया था. सोनिया गांधी चाहती थीं कि कांग्रेस जम्मू कश्मीर में आजाद के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़े. इसलिए उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. लेकिन गुलाम नबी ने पद मिलने के कुछ घंटों के बाद ही स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से उन्हें लेकर राजनीतिक गलियारों में तमाम कयास लगाए जा रहे थे.
कई मुद्दों को लेकर गुलाम नबी आजाद और कांग्रेस के मतभेद आते रहे हैं. फिर चाहे वो अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर बात रही हो या फिर कुछ मुद्दों पर पार्टी के स्टैंड पर. गुलाम नबी आजाद तो उस जी 23 का भी हिस्सा हैं जो पार्टी में कई बडे़ परिवर्तन की पैरवी करता है.
कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं की लिस्ट
1- गुलाम नबी आजाद, सीनियर नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री (अगस्त, 2022)
2- जयवीर शेरगिल, कांग्रेस नेता (अगस्त, 2022)
3- कुलदीप बिश्नोई, विधायक हरियाणा (अगस्त, 2022)- बीजेपी में शामिल
4- कपिल सिब्बल, पूर्व केंद्रीय मंत्री, (मई, 2022)
5- हार्दिक पटेल, गुजरात के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष (मई, 2022)- बीजेपी में शामिल
6- अश्विनी कुमार, पूर्व कानून मंत्री (फरवरी, 2022)
7- आरपीएन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री (जनवरी, 2022)- बीजेपी में शामिल
8- कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब के पूर्व सीएम (नवंबर, 2022)- अलग पार्टी बनाई
9- कीर्ति आजाद, पूर्व सांसद- टीएमसी में शामिल
10- अशोक तंवर, हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, टीएमसी में शामिल
11- सुष्मिता देव, कांग्रेस महिला विंग की अध्यक्ष (अगस्त, 2021)- टीएमसी में शामिल
12- जितिन प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री (जून, 2022)- बीजेपी में शामिल
13- ज्योतिरादित्य सिंधिया (एमपी कांग्रेस अध्यक्ष)- बीजेपी में शामिल
14- खुशबू सुंदर (अक्टूबर, 2020)- बीजेपी में शामिल
15- उर्मिला मातोंडकर- एक्ट्रेस, (दिसंबर, 2020)- शिवसेना में शामिल
16- प्रियंका चतुर्वेदी- कांग्रेस प्रवक्ता- शिवसेना में शामिल
17- टोम वडक्कन- (मार्च, 2019)- बीजेपी में शामिल
18- अल्पेश ठाकोर- गुजरात कैंपेन कमेटी कन्वेनर- बीजेपी में शामिल
19- रीता बहुगुणा जोशी- यूपी कांग्रेस की पूर्व चीफ (अक्टूबर, 2016)- बीजेपी में शामिल
20- एसएम कृष्णा- पूर्व केंद्रीय मंत्री (2017)- बीजेपी में शामिल
21- अजॉय कुमार- झारखंड कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष- AAP में शामिल, लेकिन बाद में वापसी