महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा जेल से बाहर आने के बाद से मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें रविवार को डिस्चार्ज किया जाना है. जेल से छूटने के बाद उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए लीलावती अस्पताल लाया गया था. उन्होंने स्पॉन्डिलाइटिस की शिकायत की और चेकअप के बाद उन्हें एडमिट कर लिया गया.
नवनीत राणा के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही उनका हालचाल जानने के लिए नेताओं के जुटने का सिलसिला जारी है. महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस शनिवार को उनका हाल जानने लीलावती अस्पताल पहुंचे. फडणवीस ने नवनीत के पति रवि राणा से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और काफी देर तक बातचीत की. बता दें कि हनुमान चालीसा विवाद के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने नवनीत राणा और उकने पति रवि राणा को गिरफ्तार कर लिया था.
नवनीत राणा ने रविवार को कहा कि हम लड़ने के लिए कृतसंकल्प हैं. मुख्यमंत्री हम पर दबाव बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं. मुख्यमंत्री किसी से नहीं मिलते, राज्य का दौरा नहीं करते, जिले मंत्रलय में नहीं आते. यह कभी पता नहीं चलता कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री है या नहीं. हम एक से दो दिन में समस्या की रिपोर्ट दिल्ली को देंगे.
पुलिस ने रोका फडणवीस का काफिला
नवनीत राणा से मिलने पहुंचे देवेंद्र फडणवीस के काफिले को कुछ देर के लिए पुलिस ने रोक लिया. दरअसल, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एक अन्य कार्यक्रम में लीलावती अस्पताल से कुछ किलोमीटर दूरी पर थे. ऐसे में फडणवीस के काफिले को लीलावती अस्पताल से निकलने से रोक दिया गया. तब मुख्यमंत्री का काफिला वहां से गुजर रहा था.
BJP नेताओं के मिलने का सिलसिला जारी
इससे पहले भाजपा नेता चित्रा वाघ ने नवनीत राणा से अस्पताल में मुलाकात की. उन्होंने कहा कि इस सरकार की तरह हनुमान चालीसा सुनकर रावण भी इतना क्रोधित नहीं हुआ. इतिहास में इसका जिक्र होगा कि कैसे एक सांसद और विधायक को हनुमान चालीसा के आरोप में जेल में रखा गया था.
सामने आई थी MRI स्कैन कराती फोटो
नवनीत राणा ने गर्दन समेत शरीर के कई हिस्सों में दर्द के साथ स्पॉन्डिलाइटिस की शिकायत की थी. इसके बाद लीलावती अस्पताल में उनकी MRI जांच की गई थी. इसकी तस्वीर भी सामने आई थी. डॉक्टरों ने उनका फुल बॉडी चेकअप भी किया था.
क्यों हुई थी राणा दंपति की गिरफ्तारी?
बता दें कि अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को जमानत मिलने के बाद 5 मई को जेल से रिहा कर दिया गया था. दोनों को 23 अप्रैल को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था. राणा दंपति ने कहा था कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे.