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हाथरस गैंगरेप पर बोले कैलाश विजयवर्गीय- यूपी में कभी भी पलट जाती है गाड़ी

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. थोड़ा सब्र रखना चाहिए. बीजेपी नेता ने कहा कि योगी आदित्यनाथ वहां के सीएम हैं. उनके प्रदेश में गाड़ी कभी भी पलट जाती है. कैलाश विजयवर्गीय का इशारा गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर की तरफ था.

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बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)
बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कैलाश विजयवर्गीय ने हाथरस गैंगरेप पर बयान दिया
  • यूपी में गाड़ी कभी भी पलट जाती है: कैलाश विजयवर्गीय
  • कैलाश बोले- आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने हाथरस गैंगरेप पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. थोड़ा सब्र रखना चाहिए. बीजेपी नेता ने कहा कि योगी आदित्यनाथ वहां के सीएम हैं. उनके प्रदेश में गाड़ी कभी भी पलट जाती है. कैलाश विजयवर्गीय का इशारा गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर की तरफ था. विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर ले जाते वक्त पुलिस की गाड़ी कथित तौर पर पलट गई थी.

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दरअसल, पत्रकारों ने बुधवार को जब कैलाश विजयवर्गीय से हाथरस कांड को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि इसमें आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में जा रहा है. थोड़ा सब्र करना चाहिए. आरोपी जेल में जाएंगे. क्योंकि योगी आदित्यनाथ जो वहां के मुख्यमंत्री हैं, उनके प्रदेश में कभी भी गाड़ी पलट जाती है. 

बता दें कि हाथरस में 14 सितंबर को गैंगरेप की शिकार हुई युवती ने मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. संदीप, रामू, लवकुश और रवि नामक युवकों ने युवती को अपनी हवस का शिकार बनाया था. विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश करते हुए उसका गला दबाया था. पीड़िता की मां का आरोप है कि उनके बेटी की जीभ काट दी गई थी. रीढ़ की हड्डी भी तोड़ दी गई थी. 

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वहीं, विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज पीड़िता के परिवार से बात की. उन्होंने सख्त की कार्रवाई का भरोसा दिया है. इस बीच, हाथरस केस में जांच के लिए एसआईटी का गठन हो गया है. सीएम आदित्यनाथ के आदेश के बाद गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी टीम मामले की जांच करेगी. एसआईटी में दलित और महिला अधिकारी भी शामिल हैं.

 

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