अमेरिका से भारत लाए गए 104 अवैध प्रवासी भारतीयों के साथ अमानवीय व्यवहार पर आज राज्यसभा में विपक्ष ने सरकार को खरी-खोटी सुनाई. कांग्रेस सांसद ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के बाद सदन में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब कोलंबिया जैसा सा देश अवैध प्रवासियों के साथ बदसलूकी के मामले में अमेरिका को लाल आंख दिखा सकता है तो भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकता है?
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आज राजनीति से ऊपर उठकर बात करने की जरूरत है. आज 140 करोड़ भारतीयों का सीना छलनी हुआ है. अमेरिका से लौटने वाले लोगों के सपने जमीन जमीन पर हैं, हाथों में बेड़ियां हैं और स्वाभिमान धूमिल हुआ है.
सुरजेवाला ने केंद्र सरकार से 4 सफाई मांगते हुए पूछा कि क्या सरकार जानती है कि 5 फरवरी को 104 भारतीयों को हाथ में हथकड़ी और पैरों में जंजीर लगाकर इस विमान से अमानवीय तरीके से भारत भेजा गया जिसमें मात्र टॉयलेट था. सरकार इस पर चुप्पी साधी रही. क्या सरकार जानती है कि वहां सवा सात लाख भारतीय है जिन्हें अमेरिका वहां से इसी प्रकार से निकालने की तैयारी कर रहा है. क्या ये भारतीयों से एक आतंकवादी या उग्रवादी का व्यवहार नहीं है? या ये एक मानवीय व्यवहार है, सरकार क्या इस पर टिप्पणी करेगी?
सुरजेवाला ने सरकार से दूसरे बिंदू पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कितने हजार ऐसे और भारतीय हैं जिन्हें अमेरिका ने डिटेंशन सेंटर में इसी अमानवीय तरीके से बंद कर रखा है. उनके क्या हालात हैं और क्या आपने उनको काउंसलर एक्सेस दिया है.
सरकार से तीसरी सफाई मांगते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि क्या अबकी बार ट्रंप सरकार, नमस्ते ट्रंप जैसे कार्यक्रम पर 100 करोड़ रुपया खर्च करने वाली सरकार, उनके गले पड़ने वाली सरकार ये समझती है कि ये सवा सात लाख लोग इसलिए गए क्योंकि 2 करोड़ रोजगार हर साल देने का वादा करने वाली सरकार न रोटी दे पाई और न ही अच्छी जिंदगी दे पाई. मजबूरन पत्नी के गहने बंधक रखकर, एक एकड़ जमीन बेचकर, अपना मकान गिरवी रखकर ये लोग मजबूरन वहां गए.
कांग्रेस सांसद ने सरकार से आखिरी सफाई मांगने हुए कहा कि जब कोलबिंया जैसा छोटा सा मुल्क और उनके राष्ट्रपति लाल आंख दिखाकर अमेरिका को अपने नागरिकों को बेइज्जत और अपमानित करने पर सही मार्ग दिखा सकता है तो आप क्यों नहीं.
कोलंबिया ने किया क्या था?
बता दें कि कोलंबिया की सरकार ने अवैध कोलंबियाई प्रवासियों से भरी हुई अमेरिकी सेना की दो फ्लाइट्स को लैंड नहीं होने दिया था. राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा कि ट्रंप का व्यवहार सही नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका प्रवासियों के साथ अपराधियों की तरह बर्ताव नहीं कर सकता.सिविल विमानों में ही प्रवासियों को कोलंबिया आने दिया जाएग. प्रवासियों के साथ सम्मान और गरिमा के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए.
राष्ट्रपति पेट्रो ने कहा कि 15,660 अमेरिकी अवैध तरीके से कोलंबिया में रह रहे हैं. बता दें कि इससे पहले मेक्सिको ने भी प्रवासियों से भरे अमेरिकी सैन्य विमानों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.
बाद में कोलंबिया ने अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए प्रेसिडेंशियल विमान होंडूरास भेजने की घोषणा की थी. कोलंबिया के राष्ट्रपति का कहना है कि वह बेहद सम्मान के साथ अपने नागरिकों को वापस लाने जा रहे हैं.