देश में एक के बाद एक चुनाव में बीजेपी को मिल रही जीत में 'साइलेंट वोटर' ट्रंप कार्ड साबित हो रही हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार में जीत का श्रेय साइलेंट वोटरों को ही दिया था. पीएम ने खुद बताया था कि ये साइलेंट वोटर कोई और नहीं बल्कि महिलाएं हैं. बीजेपी के इस वोटबैंक पर कांग्रेस की नजर है. प्रियंका गांधी को आगे कर कांग्रेस ने महिला वोटर्स को अपने पाले में लाने की कवायद शुरू कर दी है.
कर्नाटक में महिलाओं को साधने का प्लान
उत्तर प्रदेश में 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' की तर्ज पर कांग्रेस ने सोमवार को कर्नाटक में महिलाओं के लिए 'ना नायकी' यानी 'मैं नेता हूं' कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शिरकत की और महिलाओं के लिए तमाम वादे कर उन्हें जोड़ने का बड़ा दांव चला. प्रियंका ने कहा कि अगर कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में वापसी करती है तो परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2000 रुपए दिए जाएंगे. ऐसे में देखना है कि महिलाएं क्या प्रदेश में कांग्रेस पर अपना भरोसा जताती हैं?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार आती है तो हर परिवार की महिला को 2000 रुपये हर महीने दिए जाएंगे और यह राशि सीधे महिलाओं के अकाउंट में भेजी जाएगी. इसे गृह लक्ष्मी योजना के तहत लागू किया जाएगा. इस तरह से गृह लक्ष्मी योजना के तहत एक साल में महिलाओं के खातों में सीधे 24,000 रुपये भेजे जाएंगे. आगामी चुनावों के लिए यह कांग्रेस की तरफ से दूसरा वादा है. पिछले हफ्ते भी पार्टी ने प्रजाध्वनी यात्रा की लॉन्चिंग के मौके पर सभी घरों को 200 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा किया था.
प्रियंका के जरिए महिलाओं को साध रही कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा कि इस स्कीम के जरिए वह एलपीजी के आसमान छूते दामों और रोजाना के खर्चों के भार से महिलाओं को कुछ राहत देना चाहती है. साथ ही कहा कि कांग्रेस कर्नाटक की हर महिला को आर्थिक आजादी देना चाहती है. प्रियंका के जरिए कांग्रेस ने वादा करके महिलाओं का विश्वास जीतने की कवायद की है. उन्होंने कहा, 'यहां जिंदगी बहुत महंगी हो गई है, लेकिन कोई सरकार को दोषी नहीं ठहरा रहा है. इसलिए बीजेपी सरकार यहां लोगों का ध्यान बेकार के विवादों में खींच रही है.
कांग्रेस के नेता और कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि बीजेपी भले ही यहां तीन साल से सत्ता में है, लेकिन इस पार्टी ने महिलाओं के लिए एक भी कार्यक्रम नहीं किया. उन्होंने कहा कि जब से कांग्रेस ने लोगों को 200 यूनिट फ्री बिजली देने का ऐलान किया है, तब से बीजेपी ने झूठे प्रलोभन देकर लोगों को लालच देने का काम शुरू कर दिया है. कर्नाटक की महिलाएं समझ चुकी हैं कि उनका ख्याल कांग्रेस ही रख सकती है.
महिलाओं के लिए अलग से घोषणा पत्र लाएगी
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार महिलाओं के लिए एक अलग से घोषणा पत्र तैयार करा रहे हैं. इसके लिए एक ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर लॉन्च किया गया. उन्होंने महिलाओं से अनुरोध किया है कि वे महिला मैनिफेस्टो के लिए अपनी मांगों को बताएं. उन्होंने वादा किया कि उनकी मांगों को मूल्यांकन के बाद घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा. डीके शिवकुमार ने कहा, 'महिला सशक्तीकरण से ही देश का उत्थान होगा, ऐसा मानते हुए कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावी घोषणा पत्र में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दे रही है.
दरअसल, कर्नाटक में इसी साल अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. बीजेपी अपनी सरकार को बचाए रखने की कवायद में है तो कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए बेताब है. ऐसे में आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस का फोकस महिलाओं पर है. राज्य में करीब 50 प्रतिशत महिला मतदाता हैं, जो किसी भी दल का खेल बनाने और बिगाड़ने की ताकत रखती हैं. इसीलिए कांग्रेस इन्हें लुभाने के प्रयास में जुट गई हैं.
कांग्रेस के इस 'ना नायकी' सम्मेलन में प्रियंका गांधी के साथ-साथ कर्नाटक की महिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ पुष्पा अमरनाथ, पूर्व मंत्री उमाश्री और रानी सतीश ने भी शिरकत की. इस दौरान रानी सतीश ने कहा ने कहा उनकी प्रियंका गांधी से मांग है कि आने वाले चुनाव में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को टिकट दिया जाए. कर्नाटक में अब तक 109 महिलाओं ने टिकट के लिए आवेदन किया है. ऐसे में कम से कम तीस टिकट महिलाओं को मिलें जिससे महिलाओं की भागीदारी भी बढ़े. इस तरह से कांग्रेस महिलाओं के लिए योजनाओं की वादे ही नहीं कर रही है बल्कि बड़ी संख्या में महिलाओं को टिकट देकर अपने साथ जोड़ने का दांव चला है.
बीजेपी का कोर वोटबैंक महिलाएं
केंद्र की मोदी सरकार की उज्ज्वला योजना, शौचालयों का निर्माण, पक्का घर, मुफ्त राशन, महिलाओं को आर्थिक मदद जैसी कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनका सीधा लाभ महिलाओं को होता है. मुद्रा योजना के तहत सर्वाधिक जोर अनुसूचित समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर है. महिलाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कई योजनाओं पर विश्वास 2019 के लोकसभा चुनाव में भी दिखा है. ऐसे ही पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की जीत में भी महिला वोटरों की अहम भूमिका रही है.
साइलेंट वोटर की सियासी ताकत को देखते हुए बीजेपी कर्नाटक में भी महिलाओं को साधे रखने के लिए कोशिशें शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक कर रही है. कांग्रेस ने भी महिला वोटरों को कैश कर हर महीने 2000 रुपये देने का दांव चलकर बीजेपी को सियासी मात देने का प्लान बनाया है. ऐसे में देखना है कि महिला मतदाताओं की पसंद कर्नाटक में कौन बनता है?