कर्नाटक की सियासत में एक नया बवाल खड़ा हो गया. ये बवाल पुलिस के भगवा रंग के शॉल ओढ़ने को लेकर हो रहा है. कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें पुलिसकर्मी भगवा रंग के शॉल डाले और कपड़े पहने नजर आ रहे हैं. जिसके बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने बीजेपी पर पुलिस का भगवाकरण करने और आरएसएस के प्रभाव को डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की थीं. ये तस्वीर विजयपुरा और उडुपी पुलिस की है, जिसमें पुलिसकर्मी भगवा रंग के शॉल और कपड़े पहने नजर आ रहे हैं. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए डीके शिवकुमार ने लिखा, 'हमारी पुलिस सभी भेदों से ऊपर उठकर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक प्रावधानों से बंधे हुए हैं. एक राजनीतिक संगठन के रंग के कपड़े पहनकर कर्नाटक पुलिस क्या मिसाल कायम करना चाहती है? क्या मुख्यमंत्री और डीजीपी इस गंभीर मामले पर गौर करेंगे?'
Our police forces are bound by Constitutional provisions to ensure law and order, by rising above all distinctions.
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) October 18, 2021
By donning colour of a political outfit, what kind of an example is Karnataka police setting?
Will @CMofKarnataka and @DGPKarnataka look into this serious matter?
वहीं, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने ट्वीट किया, 'बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार बैकडोर से संघ परिवार की विचारधारा को लागू कर रही है और अब ये सीधे प्रशासन तक फैल रहा है. स्टेशन के बाहर भगवा कपड़े पहने पुलिसकर्मियों का मकसद क्या है?'
The @BJP4Karnataka-led state gov, which has been implementing the ideologies of the #SanghParivar, through its back door channels, is now directly spreading them across all sections of the administration
— Ramalinga Reddy (@RLR_BTM) October 18, 2021
What is the motive behind police sporting saffron clothes outside stations?
डीके शिवकुमार के भगवा पहने पुलिसकर्मियों की तस्वीरें साझा करने पर विजयपुरा के एसपी आनंद ने कहा, 'हम बिना पक्षपात के काम करते हैं. ये प्रथा सालों से चली आ रही है. यहां तक कि कांग्रेस सरकार में भी यही कपड़े पहनते थे. ये दशहरे में आयुध पूजा के दौरान होता है.'