पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में, बीजेपी को देश भर में हार का मुंह देखना पड़ेगा. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी को वैसी ही हार का सामना करना पड़ेगा, जैसी उसने पिछले विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल से पाई थी.
ममता बनर्जी 19 दिसंबर को होने वाले कोलकाता नगर निगम चुनाव (केएमसी) के लिए शहर के फूलबागान इलाके में एक रैली को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद, उनका एकमात्र उद्देश्य उद्योग लाना और रोजगार बढ़ाना है.
'बीजेपी का हश्र वही होगा, जो पिछले विधानसभा चुनावों में हुआ था'
उन्होंने कहा कि 'विधानसभा चुनावों के दौरान, हमने राज्य में बीजेपी के चलाए गए अभियान देखे हैं. हर कोई इससे डरता था. लेकिन राज्य के लोगों ने उन्हें हरा दिया. बंगाल में सांप्रदायिक सद्भाव का सम्मान होता है. जो बंगाल आज सोचता है, वो भारत कल सोचता है. हम 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को हराएंगे. उसका हश्र वही होगा, जो पिछले विधानसभा चुनावों में हुआ था.'
मंगलवार को गोवा से लौटने के बाद ममता बनर्जी का यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था. वह यहां दो दिन की यात्रा पर थीं. उन्होंने कहा, 'मैं 2024 के चुनावों में बीजेपी को देश भर में हारते हुए देखना चाहती हूं. 'खेला होबे' फिर से होगा.' इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव के चुनाव प्रचार के दौरान, टीएमसी का 'खेला होबे' नारा बेहद लोकप्रिय हुआ था.
सिस्टम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है
सीएम ने अपने तीसरे कार्यकाल में अपनी सरकार के विजन पर बोलते हुए कहा, "मैं राज्य में उद्योग लाने की दिशा में काम कर रही हूं, ताकि रोजगार पैदा हो सके. यही मेरा लक्ष्य है, और मैं इसे हासिल करूंगी." उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उद्योगों को मंजूरी देने और सिस्टम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए वन-स्टॉप ऑनलाइन तंत्र स्थापित करने पर विचार कर रही है.
उन्होंने कहा, "हमने गोवा में एक नई इकाई की शुरुआत की है. त्रिपुरा में भी हमने विस्तार किया है. त्रिपुरा में हमने बहुत अत्याचारों का सामना किया है."
ममता के बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया
अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार के दावे पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि टीएमसी सुप्रीमो को अगला प्रधानमंत्री बनने के सपने देखना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा, 'उन्होंने 2014 और 2019 में भी इसी तरह की बातें कही थीं और परिणाम हम सभी ने देखे हैं.'
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर, पार्टी का विस्तार करने की कोशिश कर रही है. त्रिपुरा की राजनीति में प्रवेश करने की कोशिश में, टीएमसी ने हाल ही में वहां के नगरपालिका चुनावों के दौरान बीजेपी के साथ जबरदस्त टक्कर ली. गोवा में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए भी, टीएमसी कमर कस रही है, ताकि ममता बनर्जी को बीजेपी के विरोध में विपक्षी की सबसे तेज़ आवाज के तौर पर पेश किया जा सके. गोवा में विधानसभा चुनाव 2022 में और त्रिपुरा में 2023 में होने वाले हैं.