उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह को आज अंतिम विदाई दी गई है. उन्होंने 21 अगस्त की देर रात लखनऊ के अस्पताल में आखिरी सांस ली थी. कल्याण सिंह की मौत से राजनीतिक गलियारे में अफसोस है, खासकर बीजेपी नेता उनका जाना बड़ी क्षति मान रहे हैं. बीजेपी की पूर्व सांसद कुसुम राय ने भी कल्याण सिंह के जाने पर अपना दुख जाहिर किया है.
कुसुम राय ने कहा है, ''बाबूजी का जाना बीजेपी और उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान है. उनके स्थान की भरपाई हो पाना मुश्किल है. कल्याण सिंह एक ऐसे नेता थे जो अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ता तक का ख्याल रखते थे, वह कार्यकर्ता के जज्बे को देखकर उसको आगे बढ़ाते थे. मेरे जैसे सभासद को उन्होंने राज्यसभा का सांसद तक बनाया, यह सब कल्याण सिंह जैसे व्यक्तित्व वाला राजनेता ही कर सकता है, वरना छोटे कार्यकर्ता के लिए यह मुकाम हासिल करना बहुत मुश्किल है.''
सुख-दुख में साथ देने वाले नेता थे- कुसुम राय
जब कुसुम राय से पूछा गया कि क्या कल्याण सिंह के व्यक्तित्व वाला कोई व्यक्ति मौजूदा राजनीति में है तो उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब अभी दे पाना मुश्किल है और ठीक भी नहीं है. लेकिन इतना जरूर है कि अपने कार्यकर्ता का इतना ध्यान आज की राजनीति में कोई नहीं रखता है. उसके हर सुख-दुख में खड़ा रहने वाले व्यक्तित्व के थे कल्याण सिंह. यही वजह है कि आज उनके निधन पर पार्टी का सबसे छोटा कार्यकर्ता भी दुखी है.
कुसुम राय वो नेता हैं, जिन्होंने लखनऊ में पार्षद के चुनाव से अपने करियर का आगाज किया और संसद तक पहुंचीं. उन्होंने खुद बताया कि ये कल्याण सिंह ही थे जिनके कारण वो एक छोटे कार्यकर्ता से संसद तक पहुंच गईं. बता दें कि वो 1995 से 2000 तक लखनऊ नगर निगम की पार्षद रहीं.
यूपी में कल्याण सिंह की सरकार के दौरान कुसुम राय एक चर्चित नेता के तौर पर रहीं. उनकी भूमिका भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र रही. मई 1998 की इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कल्याण सिंह ने बताया था कि हमारे परिवार का उनसे लंबा नाता है और उनके पति और अंकल भी हमसे मिलने आते रहते हैं.
आज जब कल्याण सिंह इस दुनिया से रुख्सत हो गए हैं तो कुसुम राय ने भी अपना दुख साझा किया है और उनके व्यक्तित्व की तारीफ की है.