एक तरफ कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया चल रही है तो वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने अपना नया अध्यक्ष चुन लिया है. पार्टी ने लगातार 12वीं बार लालू प्रसाद यादव को निर्विरोध अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है. लालू के अलावा किसी ने भी नामांकन दायर नहीं किया था, इसलिए उन्हें निर्विरोध ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया.
बता दें कि आज दिल्ली में आरजेडी का राष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है. लेकिन प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ही इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने इसकी वजह खराब स्वास्थ्य को बताया है. वहीं बीजेपी ने जगदानंद सिंह को पुत्र मोह से पीड़ित बताया है.
बीजेपी के प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के दिल्ली में पार्टी राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग नहीं लेने पर कहा कि लालू यादव की तरह वह भी पुत्र मोह से पीड़ित हैं. दरअसल, कृषि मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए सुधाकर सिंह को मजबूर किया गया था, जोकि जगदानंद सिंह के बेटे हैं. इसलिए जगदानंद सिंह आरजेडी से नाराज बताए जा रहे हैं.
सूत्रों के मुताबिक, जगदानंद सिंह ने पहले ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया है. हालांकि दिल्ली में हो रहे पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन की वजह से आरजेडी नेताओं ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि आज राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद कल लालू नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकते हैं.
बीते 2 अक्टूबर को सुधाकर ने दिया इस्तीफा
जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह ने बीते 2 अक्टूबर को नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. उनके पिता ने इस्तीफे को लेकर कहा कि था कि सुधाकर ने किसानों के लिए आवाज उठाई, लेकिन आवाज उठाने के साथ-साथ बलिदान भी देना पड़ता है. इसीलिए कृषि मंत्री ने इस्तीफा दिया.
कृषि विभाग के अधिकारियों को लेकर दिया था बयान
आरजेडी कोटे से नीतीश कैबिनेट में शामिल हुए सुधाकर सिंह तब चर्चा में आए, जब उन्होंने बयान दिया था कि कृषि विभाग में कई चोर लोग हैं. इतना ही नहीं उन्होंने अपने आप को उन चोरों का सरदार करार दिया. सुधाकर सिंह ने कहा कि उनके ऊपर भी और कई सरदार मौजूद हैं. कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने जनता को संबोधित करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को भी फटकार लगाई थी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुधाकर सिंह के बीच तकरार सार्वजनिक रूप से सामने आ गई थी. दरअसल बीते महीने नीतीश कुमार ने कृषि मंत्री सुधाकर सिंह के बिना ही कृषि विभाग की समीक्षा बैठक कर ली थी. इस बैठक में प्रधान सचिव समेत कई अधिकारी मौजूद थे.