लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अंदर कई मंत्री अपनी सीट नहीं बचा सके तो कई सांसद भी जीत की दरकार नहीं रख सके. सियासी मैदान में उतरे 11 केंद्रीय मंत्रियों में से 7 को हार का सामना करना पड़ा जबकि योगी सरकार के 4 मंत्रियों में 2 मंत्री ही साख बचा सके.
जिन केन्द्रीय मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा उसमे अमेठी से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, चौंदौली से महेंद्र नाथ पांडे, जालौन से भानु प्रताप सिंह वर्मा, मुजफ्फरनगर से संजीव बालियान, लखीमपुर से अजय मिश्र टेनी, मोहनलागंज से कौशल किशोर और फातेहपुर से साध्वी निरंजन जैसे बड़े नेता शामिल हैं. इसके अलावा, योगी सरकार के मंत्रियों में जयवीर सिंह को मैनपुरी और रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह को हार का सामना करना पड़ा. वहीं, दूसरी तरफ पीलीभीत से जितिन प्रसाद और हाथरस से अनूप प्रधान ने जीत दर्ज कर की है.
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बीजेपी ने इस बार के चुनाव में विधायक को भी मैदान में उतारा था. इस लिस्ट में अपना दल विधायक रिंकी कोल को राबर्ट्सगंज से हार का सामना करना पड़ा. इसके अलावा विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्र श्रावस्ती से और राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर बलिया से हार का समाना करना पड़ा.
अगर बड़े नेताओं में जीत की बात की जाए तो, नरेंद्र मोदी के अलावा लखनऊ से राजनाथ सिंह, आगरा से एसपी सिंह बघेल, महाराजगंज से पंकज चौधरी और मिर्जापुर से अपना दल की अनुप्रिया पटेल हैं.
26 सांसद लौटे 'पवेलियन'
बीजेपी के हारने वाले सांसदों में फतेहपुर से निरंजन ज्योति, मोहनलालगंज से कौशल किशोर, मुजफ्फरनगर से संजीव कुमार बलियान, आंवला से धर्मेंद्र कश्यप, आजमगढ़ से दिनेश लाल निरहुआ, बांदा से आरके सिंह पटेल, बस्ती से हरीश द्विवेदी, चंदौली से महेंद्र नाथ पांडेय और धौरहरा से रेखा वर्मा शामिल हैं.
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एटा से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह, इटावा से रामशंकर कठेरिया, फैजाबाद से लल्लू सिंह, जालौन से भानु प्रताप सिंह वर्मा, कैराना से प्रदीप कुमार, कन्नौज से सुब्रत पाठक, कौशांबी से विनोद सोनकर, मछलीशहर से बीपी सरोज, प्रतापगढ़ से संगम लाल गुप्ता, रामपुर से धनश्याम लोधी, सलेमपुर से रवींद्र कुशवाहा, संत कबीर नगर से प्रवीण कुमार निषाद, सीतापुर से राजेश वर्मा, सुल्तानपुर से मेनका गांधी और हमीरपुर से पुष्पेंद्र सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा.
टिकट बदलने का प्रयोग रहा सफल
बीजेपी के द्वारा सात सीटों पर टिकट बदलने का प्रयोग सफल रहा. इसमें बहराइच, बरेली, देवरिया, कैसरगंज, मेरठ, फूलपुर और पीलीभीत की सीटें शामिल हैं. बहराइच से आनंद कुमार गौड़, बरेली से छत्रपाल सिंह गंगवार, देवरिया से शशांक मणि, कैसरगंज से बृज भूषण सिंह, मेरठ से अरुण गोविल, फूलपुर से प्रवीण पटेल और पीलीभीत से जितिन प्रसाद ने जीत दर्ज की है.
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