दिल्ली के श्रद्धा मर्डर केस ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस मामले को कोई लव जिहाद बता रहा है तो कोई इसे साधारण अपराध के नजरिए से देख रहा है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इंडिया टुडे ग्रुप के नॉर्थ ईस्ट टाउनहॉल कार्यक्रम में कहा कि आज के समाज में लव-जिहाद एक बड़ी सच्चाई है. हम इसे झुठला नहीं सकते. श्रद्धा मर्डर केस को अगर हम लव जिहाद बताते हैं तो कुछ तथ्य और परिस्थितियों के आधार पर बोल रहे हैं. अपराध सिर्फ एक साधारण अपराध है या लव जिहाद इसे लोगों को तय करने दीजिए.
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राष्ट्रीय दृष्टिकोण के हिसाब से भी लव जिहाद एक बड़ा मुद्दा है. श्रद्धा जैसा कोई मामला एक साधारण अपराध है या लव जिहाद. इस पर बहस समाज में चलती रहेगी. श्रद्धा वालकर मर्डर केस को मैंने लव जिहाद कहा है और आप इसे साधारण अपराध कह रहे हैं तो अब लोगों को तय करने दीजिए की क्या मामला है. यह उन लोगों के बीच संघर्ष है जो तथाकथित धर्मनिरपेक्षतावादी और राष्ट्रवादी हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने कहा कि श्रद्धा वालकर मर्डर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि यह लव जिहाद का मामला है. ऐसे में जब हम यह कहते हैं कि कोई मामला लव-जिहाद का मामला है, तो हम मामले के कुछ पैमानों, तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर कहते हैं. हमारी इन बातों का मुकाबला करके आप यह साबित करना चाहते हैं कि यह लव-जिहाद का मामला नहीं है बल्कि सिर्फ एक आपराधिक मामला है.
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि जब कोई एक हिंदू व्यक्ति अपनी प्रेमिका को मारता है, तो हम इसका विश्लेषण अपराधिक दृष्टिकोण से करेंगे. वहीं, जब एक मुस्लिम व्यक्ति एक हिंदू लड़की की हत्या करता है तो इसका विश्लेषण अपराध के नजरिए साथ-साथ लव-जिहाद की दृष्टि से भी हम करेंगे. हिमंता बिस्वा ने कहा कि मुस्लिमों का एक वर्ग खुले तौर पर कहता है कि वे जिहाद में हैं, लेकिन आप इसका सामान्यीकरण नहीं कर सकते.
हिमंता ने कहा कि मुसलमानों में हर कोई असदुद्दीन ओवैसी नहीं है और न ही हर कोई ओसामा बिन लादेन है. ओवैसी एक कट्टरवादी हैं मैं उन्हें जिहादी नहीं कहूंगा. हिमंता ने अपनी बात को आगे स्पष्ट करते हुए कहा कि कट्टरपंथी वे हैं जो लोगों को जिहादी बनने के लिए प्रेरित करते हैं जबकि हमें कुरान और इस्लाम की अच्छी बातों को ग्रहण करना चाहिए ताकि इंसानियत के लिए काम हो सके.
असम के सीएम हिमंता विस्वा सरमा ने कहा कि हमें कुरान में इस्लाम की उन अवधारणाओं के बारे में बात करनी चाहिए, जैसे शिक्षा, गरीब और जरूरदमंदों की मदद करना. मैंने कुरान के कई विश्लेषण पढ़े हैं और इसमें बहुत सारी अच्छी बातें लिखी हैं. लेकिन दुर्भाग्य से आज कई इस्लामी विद्वान हैं जो उन पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहते हैं बल्कि कुरान की कुछ सूराओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. ऐसे में हो सकता है कि उनका स्पष्टीकरण हजरत मुहम्मद के सामान न हो.
बता दें कि श्रद्धा वॉकर और आफताब पूनावाला इसी साल मई के महीने में मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हुए थे. दोनों लिव-इन में रह रहे थे. दिल्ली आने के तीन दिन बाद दोनों की लड़ाई हुई थी. जिसमें आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर दी थी. पुलिस के अनुसार, आफताब ने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए और इन्हें अपने किराए के मकान में फ्रिज में रखा था. वह हर रात इन टुकड़ों को जंगल में फेंकने जाता था. श्रद्धा हत्या का मामला तब सामने आया जब बेटी से संपर्क न होने के बाद उसके पिता ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने पाया कि 18 मई, 2022 को श्रद्धा वालकर को उसके लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला ने गला घोटकर मार डाला था.