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चिट्ठी विवाद के बाद कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, आजाद से छिना महासचिव का पद, सुरजेवाला का बढ़ा कद

कांग्रेस में शुक्रवार को बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया. गुलाम नबी आजाद से महासचिव का पद छीन लिया गया है. इस फेरबदल में सबसे बड़ा फायदा राहुल गांधी के वफादार रणदीप सिंह सुरजेवाला को हुआ है.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुलाम नबी आजाद से महासचिव पद छिना
  • सुरजेवाला बनाए गए हैं कर्नाटक के प्रभारी
  • जितिन प्रसाद का भी संगठन में बढ़ा कद

कांग्रेस में शुक्रवार को बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया. गुलाम नबी आजाद से महासचिव का पद छीन लिया गया है. बता दें कि वे हरियाणा राज्य के प्रभारी थे. इस फेरबदल में सबसे बड़ा फायदा राहुल गांधी के वफादार रणदीप सिंह सुरजेवाला को हुआ है. सुरजेवाला अब कांग्रेस अध्यक्ष को सलाह देने वाली उच्च स्तरीय छह सदस्यीय विशेष समिति का हिस्सा हैं.

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इसके साथ ही सुरजेवाला को कांग्रेस का महासचिव भी बनाया गया है. उन्हें कर्नाटक का प्रभारी बनाया गया है. मधुसूदन मिस्त्री को केंद्रीय चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. प्रियंका गांधी को यूपी का प्रभारी बनाया गया है. इसके अलावा केसी वेणुगोपाल को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है.

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस महासचिवों में मुकुल वासनिक को मध्य प्रदेश की, हरीश रावत को पंजाब की, ओमान चांडी को आंध्र प्रदेश की, तारीक अनवर को केरल और लक्षद्वीप की, जितेंद्र सिंह को असम की, अजय माकन को राजस्थान की जिम्मेदारी दी गई है.

कांग्रेस में हुए बड़े बदलाव

इसके अलावा जितिन प्रसाद को कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का प्रभारी बनाया है. संगठन में यह उनके लिए बड़ी उछाल मानी जा रही है. बता दें कि विवादास्पद चिट्ठी पर दस्तखत करने वाले नेताओं में जितिन प्रसाद भी थे.

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ताजा बदलाव के बाद पवन कुमार बंसल सचिव प्रभारी प्रशासन होंगे. इसके अलावा राहुल के वफादार मनकीम टैगोर को तेलंगाना का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है.

नए सीडब्ल्यूसी सदस्य के तौर पर दिग्विजय सिंह, राजीव शुक्ला, मनिकम टैगोर, प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, एचके पाटिल, सलमान खुर्शीद, पवन बंसल, दिनेश कुंदुरो, मनीष चतरथ और कुलजीत नागरा की एंट्री हुई है.

 

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