कांग्रेस नेता राहुल गांधी और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के बीच जारी जुबानी जंग के बीच कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. पत्र में खड़गे ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान असम में सुरक्षा को लेकर खड़े हो रहे मुद्दों को उठाया है.
खड़गे ने अपने पत्र में लिखा है,'आपको ज्ञात होगा कि 14 जनवरी 2014 को कांग्रेस ने मणिपुर से 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' की शुरुआत की थी, जो मुंबई तक जाएगी. इस यात्रा का मकसद भारत की जनता के बीच न्याय और सद्भावना को बढ़ावा देना है.'
असम में हुई परेशानियों का जिक्र
खड़गे ने तंज भरे लहजे में कहा कि जैसे ही भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने 18 जनवरी को असम में प्रवेश किया, ऐसे कई मौके आए जब असम पुलिस ने राहुल गांधी को ज्यादा ही सुरक्षा देने की कोशिश की. जबकि राहुल को पहले ही z+ सिक्योरिटी मिली हुई है. अपने पत्र में उन्होंने पांच पॉइंट में बताया है कि किस तरह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को असम में परेशानियों का सामना करना पड़ा.
तय रूट पर नहीं निकाली यात्रा
दरअसल, असम पुलिस का आरोप है कि राहुल गांधी की यात्रा के लिए जो रूट तय किए गए थे, उसके इतर उन्होंने दूसरा रूट लिया. उन्हें एडवांस सिक्योरिटी भी दी गई थी. बकौल असम पुलिस, जब यात्रा एनएच-27 पर खानापारा ट्रैफिक पॉइंट के पास पहुंची, तो प्रशासन को आश्चर्य हुआ, राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने आपराधिक साजिश के तहत भीड़ को उकसाया और उन्हें रास्ते से भटकाकर गुवाहाटी शहर की तरफ ले गए.
भीड़ ने पुलिस पर किया हमला
असम पुलिस के मुताबिक भारत जोड़ो यात्रा में शामिल भीड़ हिंसक और अनियंत्रित हो गई और गैरकानूनी जमावड़ा जीएस रोड (गुवाहाटी शहर) की ओर आगे बढ़ गया, जिससे सार्वजनिक मार्ग यानी एनएच 37 बाधित हो गया. जीएस रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ी पुलिसकर्मियों पर हमले किए. पुलिसकर्मियों के मना किए जाने के बाद भी वे नहीं रुके.
सीएम के निर्देश पर FIR दर्ज
इस घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ असम में एफआईआर दर्ज की गई. राहुल गांधी के अलावा केसी वेणुगोपाल, कन्हैया कुमार और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सीएम सरमा और राहुल गांधी के बीच तीखी नोंकझोंक देखी जा रही है.