पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, इटली (रोम) में आयोजित होने वाले वर्ल्ड 'पीस कॉन्फ्रेंस' में हिस्सा नहीं ले पाएंगी. भारत सरकार ने उन्हें रोम दौरे की इजाजत देने से इनकार कर दिया है. ममता बनर्जी ने भारत सरकार के इस फैसले को लेकर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि जर्मन चांसलर को बुलाया गया था पोप बुलाया गया था, मुस्लिम होने के नाते इमाम को बुलाया गया था और मुझे हिंदू के तौर पर बुलाया गया था. आप ऐसे तो हिंदू धर्म की बात करते हो फिर यहां क्या दिक्कत है? वजह सिर्फ यही है कि यह लोग मुझसे बहुत जलते हैं. जलन की वजह से मुझे नहीं जाने दिया गया.
ममता बनर्जी ने कहा कि 'पीस कॉन्फ्रेंस' में हिस्सा लेने के लिए मैंने भारत सरकार से दो महीने पहले ही अनुमति मांगी थी. इटली सरकार ने मुझे सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विशेष निमंत्रण भेजा था. लेकिन आज केंद्र सरकार की तरफ से एक पत्र भेजा गया. जिसमें कहा गया है कि एक सीएम के लिए वहां जाना ठीक नहीं है. WHO ने कोवैक्सीन को मंजूरी दी है. मैं पूछती हूं फिर पीएम कैसे अमेरिका चले गए. आपने मुझे रोम में भारत का प्रतिनिधित्व करने क्यों नहीं दिया? आप हर बार ऐसा ही करते हो.
उन्होंने कहा कि आखिर मुख्यमंत्री को ही बाहर जाने की इजाजात क्यों नहीं मिलती? जब भी मुझे कहीं जाना हुआ है उसमें रुकावट डाल दी गई है. लेकिन आपलोग पूरी दुनिया घूम सकते हो. कोवैक्सीन की वजह से कई लोग अमेरिका, यूके या दूसरे देश नहीं जा सकते. लेकिन हमारे प्रधानमंत्री कहीं भी जा सकते हैं. क्या उनके लिए कोई खास आदेश आया है? क्या उन्होंने सोचा है कि इस वजह से कई छात्रों को अपनी पढ़ाई तक पूरी करने के लिए बाहर नहीं जाने दिया गया है. मुझे प्रधानमंत्री के दौरे से दिक्कत नहीं है, लेकिन मुझे बाहर देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने से क्यों रोका जा रहा है? आप हर बार ऐसा नहीं कर सकते.
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इससे पहले ममता बनर्जी की चीन यात्रा कैंसिल हुई थी. बता दें यह कार्यक्रम 6 और 7 अक्टूबर को रोम में होने वाला है. कार्यक्रम के आयोजकों ने जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, पोप और इटली के शीर्ष राजनीतिक नेताओं को आमंत्रित किया है. उनके साथ बंगाल की मुख्यमंत्री को भी न्यौता मिला था. लेकिन अब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बन पाएंगी.
गौरतलब है कि 1987 से हर साल कम्युनिटी ऑफ सेंट एगिडियो (Community of Sant’Egidio) शांति को बढ़ावा देने के लिए असीसी की प्रार्थना करता है. इस दौरान दुनियाभर की हस्तियां यहां आती हैं. ये पहली बार है जब ममता बनर्जी को इंटरनेशनल पीस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का न्योता दिया गया था. इसके पहले ममता बनर्जी मदर टेरेसा को संत की उपाधि दिए जाने के समय साल 2016 में रोम गईं थीं.