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पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी ने आज बिरसा मुंडा जयंती के मौके पर उनकी एक प्रतिमा का अनावरण किया. बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद सीएम ममता ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना भी साधा. ममता ने यह तक कह दिया कि क्या विकास फंड लेने के लिए उन्हें पीएम मोदी के पैरों में गिरकर इसकी भीख मांगनी होगी?
ममता बनर्जी यहां MGNREGA फंड नहीं जारी होने का आरोप लगा रही थीं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार या तो उनका पैसा दे, वर्ना सरकार छोड़ दे.
सीएम ममता ने बंगाल के झाड़ग्राम जिले में बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया था. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आदिवासी समुदाय के लोगों को संबोधित किया. यहां ममता बनर्जी पारंपरिक ढोल भी बजाती देखी गईं.
#WATCH | West Bengal CM Mamata Banerjee tries her hand on drums and joins artists performing traditional dance in Jhargram pic.twitter.com/j8MeN5X8zq
— ANI (@ANI) November 15, 2022
केंद्र सरकार पर ममता बनर्जी का निशाना
कार्यक्रम में सीएम ममता ने कहा कि हमने कहा था कि आदिवासियों की जमीन कोई नहीं छीन सकता. हमने ऐसा होने भी नहीं दिया. ममता ने आगे कहा कि कुछ लोग दिल्ली (केंद्र सरकार) को लिखते हैं बंगाल सरकार को विकास के लिए फंड ना दिया जाए. अगर ऐसा ही रहा तो मैं आप लोगों को कहूंगी कि ड्रम, तीर और कमान से केंद्र सरकार के अत्याचार का विरोध कीजिए.
ममता ने आगे केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैंने कुछ सालों पहले पीएम मोदी से फंड रिलीज करने को कहा था, क्या मुझे उनके पैर पकड़कर भीख मांगनी चाहिए? हमें पैसा दीजिए या फिर सरकार छोड़ दीजिए. अगर आप हमें पैसा नहीं देंगे तो लोग आपको जीएसटी क्यों देंगे?
आदिवासी गांव में पहुंचीं ममता बनर्जी
जनसभा के बाद सीएम ममता झाड़ग्राम के एक गांव में भी पहुंचीं. इस आदिवासी गांव में ममता ने लोगों की समस्या सुनी. एक तीन महीने के बच्चे को उन्होंने अपनी गोद में भी लिया. कुछ आदिवासी महिलाओं ने सीएम ममता से शिकायत भी कीं. वह बोलीं कि उनको रहने के लिए घर नहीं मिला है. साथ ही साथ उनके इलाके में पानी की सुविधा भी नहीं है. पीने का पानी लाने के लिए उनको दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है.
लोगों की परेशानियां सुनने के बाद सीएम ममता बनर्जी ने वहां के लोगों को साल 2024 तक पाइपलाइन का भरोसा दिया. ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उनको 'काम के 100 दिन' यानी MGNREGA का पैसा नहीं दिया है, इसलिए लोगों को पैसा नहीं मिल पाया है.