scorecardresearch
 

अनिल विज का तंज, सांड के लिए लाल कपड़े जैसा है ममता के सामने जयश्रीराम कहना!

अनिल विज ने ट्वीट किया, 'जय श्री राम का नारा ममता बनर्जी के लिए वैसा ही जैसे सांड के लिए लाल कपड़ा होता है. यही कारण है कि उन्होंने आज विक्टोरिया मेमोरियल में अपना भाषण रोक दिया.'

Advertisement
X
बीजेपी नेता और हरियाणा के मंत्री अनिल विज (फाइल फोटो)
बीजेपी नेता और हरियाणा के मंत्री अनिल विज (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विक्टोरिया मेमोरियल में नारेबाजी
  • नाराज हुईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
  • भाषण देने से कर दिया था इनकार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित कार्यक्रम में जय श्रीराम के नारे से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को बिफर पड़ीं और भाषण देने से मना कर दिया. अब नारेबाजी को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (टीएमसी) में जुबानी जंग छिड़ गई है. 

Advertisement

बीजेपी नेता और हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर कहा, 'जय श्री राम का नारा ममता बनर्जी के लिए वैसा ही जैसे सांड के लिए लाल कपड़ा होता है. यही कारण है कि उन्होंने आज विक्टोरिया मेमोरियल में अपना भाषण रोक दिया.'

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि ममता बनर्जी को अब राम नाम से भी अपमान महसूस होता है. श्री राम जी हमारी संस्कृति की आत्मा हैं. अगर ममता जी "जय श्री राम" , "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" सुनकर इतना अपमानित महसूस कर रही हैं तो वहां कि जनता ममता जी की इस मानसिकता से कितना अपमानित महसूस कर रही होगी. इसका जवाब बंगाल की जनता ममता जी को देगी. 

देखें: आजतक LIVE TV

Advertisement

वहीं बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इसे बंगाल के महापुरुषों का अपमान बताया.ममता बनर्जी ने बोलने से इनकार करके बंगाल के महापुरुषों का अपमान किया है. अमित मालवीय ने ट्वीट किया कि ममता बनर्जी ने विश्व भारती के शताब्दी समारोह में जाने से इनकार कर रबींद्रनाथ टैगोर की विरासत का अपमान किया. नेताजी की जयंती समारोह के अवसर पर अपना भाषण न देकर उन्होंने ऐसा ही किया है. बंगाल अपने महापुरुषों की इस अवहेलना को बर्दाश्त नहीं करेगा.

इससे पहले, टीएमसी नेताओं ने नारेबाजी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने कहा कि राम का नाम गले लगा के बोलें ना कि गला दबाके. मैं स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समारोह में राजनीतिक और धार्मिक नारेबाजी की कड़ी निंदा करती हूं.

 

Advertisement
Advertisement