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जबरदस्त क्रॉस वोटिंग, विपक्ष में सेंध, बीजेपी का सटीक दांव... द्रौपदी मुर्मू की जीत के पीछे ये है वोटों का गणित

Presidential Election: राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई. केरल में एनडीए का एक भी वोट नहीं था लेकिन वहां भी एक विधायक ने मुर्मू को वोट दे दिया. इस तरह द्रौपदी मुर्मू को हर राज्य से वोट मिला जबकि यशवंत सिन्हा को आंध्र प्रदेश, नागालैंड और सिक्किम से कोई वोट नहीं मिला.

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बेटी इतिश्री ने द्रौपदी मुर्मू के साथ कुछ इस अंदाज में सेलिब्रेट किया (पीटीआई)
बेटी इतिश्री ने द्रौपदी मुर्मू के साथ कुछ इस अंदाज में सेलिब्रेट किया (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 14 सांसदों ने मतदान नहीं किया
  • 42 विधायकों ने भी वोट नहीं किया
  • द्रौपदी मुर्मू को हर राज्य से वोट मिला

द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति बन गई हैं. वो भारत की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति होंगी. गुरुवार को आए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों में NDA की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को तीसरे राउंड की गिनती में ही हरा दिया. द्रौपदी मुर्मू 676803 मूल्य के वोट मिले, जबकि यशवंत सिन्हा के खाते 380177 मूल्य के वोट गए. इस चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को 64.04 प्रतिशत और यशवंत सिन्हा को 35.97 प्रतिशत वोट मिले. दोनों उम्मीदवारों को जो मत प्रतिशत मिले, उसके पीछे का गणित कुछ ऐसा रहा. 

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इस बार राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों और विधायकों के कुल वोट 4809 और इनका कुल मूल्य 1086431 था. 18 जुलाई को वोटिंग के दिन 4754 ही वोट पड़े. इन 4754 का कुल मूल्य 1072377 हैं. इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के 776 वोटों का कुल मूल्य 543200 हैं, लेकिन कुल 763 सांसदों ने मतदान में अपने मत का प्रयोग किया. 763 सांसदो के वोटों का कुल मूल्य 534100 हैं. 14 सांसदों ने इस चुनाव में मतदान नहीं किया. वहीं, सभी राज्यों की विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 4033 हैं. इनके वोट का मूल्य 538277 था. इस चुनाव में 3991 विधायकों ने मतदान किया यानी 42 विधायकों ने वोट नहीं किया. 

द्रौपदी मुर्मू को 540 सांसदों ने वोट किया

एक सांसद के वोट का मूल्य 700 था. द्रौपदी मुर्मू को 540 सांसदों ने वोट किया, उस हिसाब से उन्हें 378000 वोट मिले. दूसरी तरफ यशवंत सिन्हा को 206 सांसदों के वोट मिले, उनके वोट का मूल्य 145600 रहा. 15 सांसदो के वोट रद्द हो गए, जिनके वोट का मूल्य 10500 था. द्रौपदी मुर्मू को देश भर 2284 विधायकों ने वोट दिया, जिनके वोटों का कुल मूल्य 298803 था, जबकि यशवंत सिन्हा को 1669 विधायकों ने वोट दिया जिनका कुल मूल्य 234577 रहा. कुल 38 विधायकों के वोटों को रद्द किया गया.

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यशवंत सिन्हा को तीन राज्यों से कोई वोट नहीं मिला 

इस चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई. केरल में एनडीए का एक भी वोट नहीं था लेकिन वहां भी एक विधायक ने मुर्मू को वोट दे दिया. इस तरह मुर्मू को हर राज्य से वोट मिला जबकि यशवंत सिन्हा को आंध्र प्रदेश, नागालैंड और सिक्किम से कोई वोट नहीं मिला.

गृह राज्य ओडिशा से मुर्मू को 137 विधायकों ने वोट किया

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के 77 विधायक जीत कर आए थे. 8 टीएमसी में चले गए. बाकी बचे 69 विधायकों को बीजेपी ने चुनाव से पहले होटल में बंद कर वोट डालने की ट्रेनिंग दी. वहां द्रौपदी मुर्मू को 71 विधायकों ने समर्थन दिया. यानी दो वोट अतिरिक्त मिले. यशवंत सिन्हा को अपने गृह राज्य झारखंड में 81 में से केवल 9 विधायकों के वोट मिले, जबकि द्रौपदी मुर्मू को अपने गृह राज्य ओडिशा में 147 में से 137 विधायकों के वोट हासिल हुए.

- महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे को विश्वास मत में 164 विधायकों का समर्थन मिला था जबकि द्रौपदी मुर्मू को वहां 181 विधायकों का वोट मिला. शिवसेना के दोनों गुटों ने उन्हें वोट दिया और कुछ विपक्षी दलों के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की. 

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- बीजेपी के मध्य प्रदेश में 130 विधायक और कांग्रेस के 96 हैं. वहां द्रौपदी मुर्मू को 146 और यशवंत सिन्हा को 79 विधायकों ने वोट दिया. यानी 16 विधायकों ने क्रॉस वोट किया. 

- असम में कुल विधायकों की संख्या 126 हैं, जिसमें से 124 विधायकों ने इस चुनाव में मतदान किया और दो विधायकों ने किसी कारण मतदान नहीं किया. असम में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के विधायकों की संख्या 79 हैं, लेकिन द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में 104 वोट पड़े यानी मुर्मू के पक्ष में 25 विधायकों ने क्रॉस वोट किया.

- 2017 में राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद को 65.65 प्रतिशत और विपक्षी दलों की उम्मीदवार मीरा कुमार को 34.35 वोट मिले थे. हालांकि तमाम रणनीतियों के बावजूद इस बार एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को पिछले चुनाव की तुलना में लगभग 1.5 (डेढ़) प्रतिशत वोट कम मिले हैं. 

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