मॉनसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत जोरदार हंगामे के साथ हुई है. विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी विवाद के मुद्दे को ऐसा उछाला कि महज 6 मिनट के अंदर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. आज इस मुद्दे पर केंद्रीय संचार मंत्री राज्यसभा में बयान देने वाले हैं.
उनके बयान से पहले संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार और पेगासस मुद्दे के बीच कोई संबंध नहीं है. फिर भी यदि विपक्ष के नेता उचित प्रक्रिया के माध्यम से इस मुद्दे को उठाना चाहते हैं तो इसे उठाने दें.
उन्होंने कहा कि PM ने विपक्ष की धारणा पर चिंता व्यक्त की, लोगों का मुद्दा उठाने की बजाए कांग्रेस सोच रही है कि सत्ता और PM उनका अधिकार है. हम 2 साल से महामारी झेल रहे हैं लेकिन कांग्रेस बहुत गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है.
No iota of link between Govt and Pegasus issue. Still, if they (Opposition) want to raise the issue through proper procedure, let them raise it. IT Minister has already issued a statement on the issue: Parliamentary Affairs Minister Prahlad Joshi pic.twitter.com/gtYnivdFTv
— ANI (@ANI) July 20, 2021
केंद्रीय संचार मंत्री को देनी पड़ी सफाई
बता दें कि पेगासस जासूसी विवाद पर पहले दिन इतना हंगामा हुआ था कि केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव को सफाई देनी पड़ी. अश्विनी वैष्णव ने फोन टैपिंग से जासूसी के आरोप को गलत बताया. अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा कि डेटा का जासूसी से कोई संबंध नहीं है. जो रिपोर्ट पेश की गई है, उसके तथ्य गुमराह करने वाले हैं.
उन्होंने कहा कि इस आरोप का कोई आधार नहीं है. इस तरह के आरोप पहले भी लगाए जा चुके हैं. केंद्रीय संचार मंत्री ने कहा कि एनएसओ इस तरह के आरोप को पहले भी खारिज कर चुका है.
खड़गे बोले- पहले डिस्कसन उसके बाद प्रेजेंटेशन
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि पहले डिस्कसन उसके बाद प्रेजेंटेशन. अगर वे डिस्कसन नहीं चाहते और सभी सांसदों को प्रेजेंटेशन देना है तो सेंट्रल हाल में दें. अगर कोविड की वजह से आप एक ही जगह नहीं बैठा सकते तो 2 दिन कर सकते हैं या सुबह शाम एक दिन में भी कर सकते हैं.