शपथ ग्रहण के अगले दिन ही मोदी कैबिनेट अपना पहला एक्शन आज दिखा सकती है. सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मोदी कैबिनेट सोमवार को दो बड़े फैसले ले सकती है. ये दोनों फैसले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ही हो सकते हैं. पहले बड़े फैसले के तहत मोदी कैबिनेट के पहली बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत दो करोड़ अतिरिक्त घरों को मंजूरी मिल सकती है. वहीं, दूसरे बड़े फैसले के अंतर्गत इस योजना में लाभार्थियों को दी जाने वाली सहायता में करीब 50 फीसदी की वृद्धि की जा सकती है.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम पद की शपथ ले ली है. उन्होंने राष्ट्रपति भवन में अपनी नई कैबिनेट के साथ शपथ ली है. मोदी सरकार 3.0 में कुल मंत्रियों की संख्या 72 हैं, जिसमें 30 मंत्री कैबिनेट का हिस्सा होंगे. इनके अलावा 5 मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार दिया गया है. वहीं, 36 सांसदों को राज्य मंत्री का पद दिया गया है. मोदी कैबिनेट 3.0 में ऐसे कई मंत्रियों को शामिल किया गया है, जो मोदी सरकार 2.0 में भी मंत्री रहे हैं.
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कैबिनेट का गठन होने के बाद अब सभी की निगाहें पोर्टफोलियो के बंटवारे पर है. अब देखना यह है कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में किस मंत्री के हिस्से में क्या आता है? मोदी 3.0 कैबिनेट में शामिल कुल कैबिनेट मंत्रियों में 25 बीजेपी के हैं और 5 मंत्री पद सहयोगी पार्टियों को दिए गए हैं. वहीं, स्वतंत्र प्रभार के साथ 5 सांसदों को राज्य मंत्री बनाया गया है. जिनमें तीन बीजेपी, जयंत चौधरी के रूप में एक आरएलडी और प्रतापराव जाधव के रूप में एक शिवसेना से शामिल किए गए हैं.
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जातिगत समीकरण का रखा गया ध्यान
मोदी कैबिनेट 3.0 में जातिगत समीकरण का बखूबी ध्यान रखा गया है. इस बार ओबीसी से 27 और एसईबीसी (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) से दो, कुल 29 मंत्री इस वर्ग से बनाए गए हैं. बता दें कि एसईबीसी, ओबीसी का ही एक उपवर्ग होता है. ओबीसी-ईबीसी के बाद सामान्य वर्ग का नंबर आता है. बीजेपी का कोर वोटर माने जाने वाले सामान्य वर्ग से 28, अनुसूचित जाति (एससी) से 10 और अनुसूचित जनजाति वर्ग से मोदी सरकार में पांच मंत्री बनाए गए हैं. एक मंत्री इसाई समुदाय से भी बनाया गया है.
(रिपोर्ट: चेतन भूटानी)