सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार (Modi Cabinet Reshuffle) बुधवार शाम को होना है. शाम को 6 बजे कुल 43 मंत्री शपथ ले सकते हैं. इनमें नए और पुराने दोनों मंत्री शामिल होंगे. मोदी की नई कैबिनेट (Modi Cabinet) कैसी होगी? इसकी पूरी डिटेल 'आजतक' के पास है. नई कैबिनेट में जातीय गणित का ख्याल भी रखा गया है. नई कैबिनेट में 27 ओबीसी और 20 एससी-एसटी समुदाय से मंत्री होने की बात सामने आ रही है.
कास्ट फैक्टर का रखा गया है ध्यान!
- मोदी की नई कैबिनेट में 12 मंत्री दलित समुदाय से होंगे. इनमें से हर मंत्री अलग SC कम्युनिटी से होगा. 12 मंत्रियों में से दो मंत्रियों को कैबिनेट रैंक मिलने की संभावना है. वहीं, 8 मंत्री शेड्यूल ट्राइब्स (ST) से होंगे.
- 27 मंत्री ओबीसी समुदाय से होंगे, जिनमें से 19 अति पिछड़ा जातियों से होंगे. ओबीसी के तौर पर यादव, कुर्मी और जाट समुदाय से होंगे जबकि अति पिछड़ी जातीय के तौर पर दर्जी, कोली. पाल और वोक्कालिगा जैसे समुदाय से होंगे. ओबीसी समुदाय के 5 मंत्रियों को कैबिनेट रैंक मिल सकता है.
- 5 मंत्री अलग-अलग अल्पसंख्यक समुदाय (Minority Communities) से होंगे. इनमें 1 मुस्लिम, 1 सिख, 2 बौद्ध और 1 ईसाई समुदाय से होगा.
- इनके अलावा 29 मंत्री अपर कास्ट से होंगे, जिनमें ब्राह्मण, भूमिहार, कायस्थ, क्षत्रिय, लिंगायत, पटेल, मराठा और रेड्डी समुदाय से होंगे.
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11 महिलाएं भी होंगी शामिल
मोदी सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में 11 महिलाओं को भी जगह मिलेगी. इनमें से दो महिलाओं को कैबिनेट रैंक दी जाएगी. नई कैबिनेट पहली कैबिनेट की तुलना में ज्यादा जवान भी होगी. इस कैबिनेट मे 14 मंत्री ऐसे होंगे, जिनकी उम्र 50 साल से कम होगी. इनमें से 6 मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा. कैबिनेट विस्तार के बाद मोदी सरकार की नई कैबिनेट की औसत उम्र 58 साल होगी.
यूपी चुनाव का ध्यान रखा गया
अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव होना है. इसलिए कैबिनेट में पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों का खास ध्यान रखा गया है. ओबीसी ने बीते चुनावों में जमकर साथ दिया गया है. इसलिए कैबिनेट विस्तार के जरिए प्रधानमंत्री मोदी 'अबकी बार, ओबीसी सरकार' का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं. कैबिनेट विस्तार के जरिए इस बात का संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि जो पिछड़ी जातियां हैं, उन्हें सरकार अहमियत दे रही है.