नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी से लगातार पूछताछ जारी है. 2 दिनों तक 18 घंटे पूछताछ के बाद बुधवार को भी राहुल गांधी से ED ने सवाल-जवाब किए. कांग्रेस नेता से इस तरह जारी पूछताछ से पार्टी कार्यकर्ता बेहद नाराज हैं.
बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता विरोध दर्ज कराने के लिए इकट्ठा हुए थे. ऐसे ही विरोध प्रदर्शन के लिए राजस्थान कांग्रेस के नेता सचिन पायलट दिल्ली पहुंचे थे. हालांकि, उन्हें हिरासत में लेकर नरेला पुलिस स्टेशन ले जाया गया.
थाने में ले जाए जाने के बाद सचिन पायलट ने ED की कार्रवाई पर सवाल उठाए. पायलट ने कहा कि विपक्ष का जो भी नेता भाजपा या केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ ED और CBI एक्शन लेना शुरू कर देती है.
शांतिप्रिय मार्च निकालना चाहते थे- पायलट
सचिन पायलट ने बताया कि वे अपनी पार्टी के सांसद और विधायकों के साथ पार्टी मुख्यालय जाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन उन्हें वहां नहीं जाने दिया गया. उन्होंने कहा कि हम शांतिप्रिय मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस हमें उठाकर पुलिस स्टेशन ले आई.
विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज कुचलने का काम कर रही है. लेकिन इस रवैये के खिलाफ विरोध जारी रहेगा. ED की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पायलट ने कहा कि इस केस में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है. आखिर 7 साल बाद यह मामला क्यों उठाया जा रहा है.
कांग्रेस ने लगाया लाठीचार्ज का आरोप
कांग्रेस ने पुलिस पर बुधवार को लाठीचार्ज का आरोप लगाया था. इसपर पुलिस ने सफाई दी थी. सागर हुड्डा, स्पेशल CP, दिल्ली ने कहा था कि पुलिस ने आज भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा था कि आज प्रदर्शन के लिए कांग्रेस की ओर से कोई अनुमति नहीं मांगी थी. 150 लोगों को हिरासत में लिया गया था. लाठी चलाने वाली बात गलता है.