संसद में शपथ ग्रहण के दौरान AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से 'जय फिलिस्तीन' का नारा लगाने पर सिसायत शुरू हो गई है. अमरावती से पूर्व सांसद नवनीत राणा ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर ओवैसी की संसद सदस्यता को रद्द करने की मांग की है.
नवनीत राणा की ओर से लिखे गए पत्र के मुताबिक ओवैसी ने अपनी सांसद शपथ ग्रहण के दौरान भारत के बजाय दूसरे राष्ट्र के प्रति निष्ठा जताई थी. उन्होंने 'जय फिलिस्तीन' का नारा बोला था जिस वजह से ओवैसी की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए.
ओवैसी ने लगाया 'जय फिलिस्तीन' का नारा
18वीं लोकसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शपथ ग्रहण के बाद 'जय फिलिस्तीन' का नारा लगाया था. शपथ के बाद उन्होंने सबसे पहले जयभीम बोला, इसके बाद जयमीम, जय तेलंगाना और जय फिलस्तीन का नारा लगाया.
ओवैसी ने 5वीं बार लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ ली. इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं भारत के हाशिए पर पड़े लोगों के मुद्दों को ईमानदारी से उठाता रहूंगा. लेकिन फिलिस्तीन को लेकर लगाए गए नारे के बाद सियासत गरमा गई, इसके बाद सभापति ने इसे रिकॉर्ड से हटा दिया.
सफाई में क्या बोले ओवैसी?
जब ओवैसी से पूछा गया कि आपने जो नारा दिया उसका विरोध हो रहा है तो इस पर AIMIM प्रमुख ने जवाब दिया कि किसने क्या कहा क्या नहीं कहा, सब कुछ आपके सामने है. मैंने सिर्फ इतना कहा कि जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना, जय फिलिस्तीन... साथ ही कहा कि सबने क्या-क्या कहा वो भी सुनिए. ओवैसी ने कहा कि यह कैसे खिलाफ है, संविधान में प्रावधान दिखाएं.