बीजेपी नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने कर्नाटक की चन्नापटना विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. ये सीट उनके पिता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई है.
कांग्रेस ने इस सीट से पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री सीपी योगेश्वर को टिकट दिया है जो बुधवार को भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए. निखिल की मां अनिता कुमारस्वामी ने साल 2013 में इस सीट से चुनाव लड़ा था, जिन्हें दिग्गज नेता योगेश्वर ने हार दिया था.
कुमारस्वामी पर बढ़ा दबाव
योगेश्वर के चन्नापटना उपचुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस में शामिल होने के साथ, कुमारस्वामी पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से निखिल को मैदान में उतारने का दबाव बढ़ रहा था.
निखिल के नाम पर फैसला लेने से पहले कुमारस्वामी ने पिछले कुछ दिनों में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं, खासकर चन्नापटना के कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठकें की थीं. निखिल के नाम की औपचारिक घोषणा से पहले गुरुवार को दिग्गज नेता बीएस येदियुरप्पा के आवास पर गठबंधन सहयोगी भाजपा के साथ एक बैठक हुई थी.
येदियुरप्पा और कुमारस्वामी ने किया प्रत्याशी का ऐलान
कुमारस्वामी, निखिल और अन्य भाजपाइयों के साथ मौजूद येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, "हम चन्नापटना उपचुनाव के लिए निखिल कुमारस्वामी को NDA उम्मीदवार घोषित करते हैं...शत प्रतिशत वह चुनाव जीतेंगे. हम साथ मिलकर चन्नापटना का दौरा करेंगे और वह (निखिल) बड़े अंतर से जीतेंगे."
ऐसा कहा जाता है कि कुमारस्वामी दुविधा में थे, क्योंकि निखिल चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे. लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के दबाव के कारण वह चुनाव लड़ने को तैयार हो गए. निखिल ने कहा था कि वह पार्टी द्वारा किसी स्थानीय जद(एस) कार्यकर्ता या नेता को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में हैं.
जेडीएस संरक्षक और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के पोते के लिए यह तीसरी चुनावी लड़ाई है. उन्होंने पड़ोसी रामनगर से 2023 विधानसभा चुनाव लड़ा था. इससे पहले वह 2019 के लोकसभा चुनाव में मांड्या लोकसभा सीट से भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुमालता अंबरीश से हार गए थे.