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सरकारी अफसरों पर फिर भड़के नितिन गडकरी, बोले- सरकार क्या फोकट में तनख्वाह देने के लिए है?

सरकारी अधिकारियों द्वारा काम न करने की शैली पर उन्हें वेतन की याद दिलाते हुए गडकरी ने उदाहरण दिया कि ''हम गाय और भैंस घर पर पालते हैं, वो ज्यादा दूध दें इसलिए उसको अच्छी खुराक देते हैं, और खुराक देकर भी दूध ही न मिले तो ऐसे जानवरों का उपयोग क्या है?''

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो)
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नितिन गडकरी ने अधिकारियों को सुनाई खरी-खरी
  • MSME के कार्यक्रम में बोल रहे थे नितिन गडकरी
  • इससे पहले भी अधिकारियों को लगा चुके हैं फटकार

देश में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योगों का महकमा संभालने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बुधवार को MSME डिपार्टमेंट के एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में MSME विभाग के टेक्नॉलॉजी सेंटर का उद्घाटन होना था. इसलिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तमाम अधिकारी जुड़े हुए थे.

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इस दौरान अधिकारियों द्वारा काम न करने की शैली पर उन्हें वेतन की याद दिलाते हुए गडकरी ने उदाहरण दिया कि ''हम गाय और भैंस घर पर पालते हैं, वो ज्यादा दूध दें इसलिए उनको अच्छी खुराक देते हैं, और खुराक देकर भी दूध ही न मिले तो ऐसे जानवरों का उपयोग क्या है?''

अधिक अधिकारियों की आवश्यकता पर सवाल करते हुए नितिन गडकरी ने कहा ''क्या सरकार इसलिए है कि हम लोगों को फोकट में तनख्वाह दें, इतने अफसरों की, इतने इनवेस्टमेंट की जरूरत क्या है?''

आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब नितिन गडकरी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के काम करने के तरीके को लेकर भड़के हों. पिछले साल भी अक्टूबर महीने में NHAI की बिल्डिंग का उद्घाटन करते वक्त गडकरी ने सरकारी अधिकारियों को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया था. UPA-1 में मंजूरी पाने वाली 7 मंजिला इमारत का काम जब NDA-2 के राज में पूरा हुआ तो नितिन गडकरी ने कहा था कि ''जो काम ना करें उसकी फोटो लगा देनी चाहिए.''

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