लोकसभा में कृषि कानूनों पर विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही नहीं चल पा रही है. विपक्ष की नारेबाजी के बीच आज प्रश्नकाल शुरू हुआ लेकिन बाद में सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसे लेकर विपक्ष को फटकार लगाई और उन्हें प्रश्नकाल के महत्व को समझाया. जानें और क्या कहा लोकसभा अध्यक्ष ने.
‘जनता ने संवाद करने भेजा’
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा कर रहे सांसदों से कहा कि आप लोगों को देश की जनता ने संवाद करने के लिए भेजा है प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है. इसके माध्यम से आप महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और सरकार की जवाबदेही तय कर सकते हैं.
सीट पर लौटने का आग्रह
लोकसभा में हंगामा करते हुए विपक्षी सांसद वेल तक आ गए. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विरोध कर रहे सांसदों से बार-बार सीट पर लौटने की अपील की. उन्होंने सांसदों को फटकार लगाते हुए कहा कि आपको देश की जनता ने नारे लगाने, तख्तियां लेकर आने के लिए नहीं भेजा है. आप जिस ढंग से सदन में नारेबाजी और तख्तियां लेकर आते हैं, यह संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है.
राजनाथ की चर्चा में हिस्सा लेने की अपील
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग लेने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में अपील की. सूत्रों ने जानकारी दी थी कि राजनाथ सिंह के बयान के बाद विपक्ष राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए तैयार हो जाएगा. दोपहर में राहुल गांधी ने भी इस मसले पर विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की थी.
माना विपक्ष, चर्चा शुरू
रक्षा मंत्री की अपील के बाद सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा शुरू हो गई. लॉकेट चटर्जी ने इस चर्चा का प्रस्ताव रखा. इसी के साथ सदन में कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष का हंगामा थम गया.
बिड़ला ने बनाई सहमति
सदन में सहमति बनाने में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भूमिका अहम रही. उन्होंने सभी दलों की बैठक बुलाई और उनके प्रयासों से रक्षामंत्री, संसदीय कार्य मंत्री और सभी दलों के सदस्यों में सदन चलाने की सहमति बनी.
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