कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन बिल को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है. एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी कृषि सुधार संबंधी विधेयक को किसानों के लिए रक्षा कवच बता रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साध रही है. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कृषि संबंधी बिल को लेकर कई सारे सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि मोदी सरकार द्वारा लाए जा रहे कानून से MSP के सिद्धांत और सार्वजनिक खरीद प्रणाली बर्बाद हो जाएगा.
पी चिदंबरम ने कई सारे ट्वीट किए हैं. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ''APMC प्रणाली वास्तव में किसान के लिए एक सुरक्षा जाल है लेकिन यह एक प्रतिबंधित बाजार है जो लाखों किसानों के लिए सुलभ नहीं है. हमें MSP और सरकारी खरीद के माध्यम से 'सेफ्टी नेट’ सिद्धांत को संरक्षित करते हुए कृषि उपज के लिए बाजार में विस्तार करने की आवश्यकता है.''
उन्होंने लिखा, 'मोदी सरकार द्वारा जो कानून पारित करने की कोशिश की जा रही है वो MSP के सिद्धांत और सार्वजनिक खरीद प्रणाली को बर्बाद कर देगा.'
चिदंबरम ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'APMC कानूनों पर कांग्रेस के घोषणापत्र के बयान को बीजेपी प्रवक्ताओं ने तोड़ मरोड़ के पेश कर निराश किया. हमने घोषणापत्र में वादा किया था कि हम छोटे शहरों और बड़े गांवों में हजारों किसानों के बाजार बनाएंगे. एक बार पूरा होने के बाद, APMC कानूनों को बदला जा सकता है.'
इससे पहले कांग्रेस पार्टी से निष्कासित नेता संजय झा ने पार्टी को 2019 लोकसभा चुनाव के मेनिफेस्टो की याद दिलाते हुए कहा था कि किसानों को लेकर दोनों पार्टी का स्टैंड एक ही है.
संजय झा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'मित्रों, हमारे कांग्रेस के 2019 के घोषणापत्र में हमने खुद ही एपीएमसी एक्ट को खत्म करने और किसानों को दलालों के चंगुल से आजाद कराने का वादा किया था. आज मोदी सरकार ने किसान बिल के जरिए वही किया है. किसानों के मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों एक ही पेज पर हैं.'
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के किसानों को आश्वस्त किया है कि लोकसभा से पारित कृषि सुधार संबंधी विधेयक उनके लिए रक्षा कवच का काम करेंगे और नए प्रावधान लागू होने के कारण वे अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेंगे.
प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टियों, खासकर कांग्रेस पर, आरोप लगाया कि वह इन विधेयकों का विरोध कर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं और बिचौलियों के साथ किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रही हैं. उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस भ्रम में न पड़ें और सतर्क रहें.