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Parliament: मॉनसून सत्र में जोरदार हंगामा, फिर भी राज्यसभा से पास हुए 25 विधेयक

1 अक्टूबर तक चलने वाले सत्र को 8 दिन पहले ही खत्म करने का फैसला लिया गया. महज 10 दिन तक चले इस सत्र में सरकार राज्यसभा में कई अहम बिल कराने में सफल रही. लेकिन सदन में विवादित कृषि बिल पास होने के दौरान विपक्ष की ओर खूब हंगामा भी किया गया,

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राज्यसभा में पास हुए 25 बिल (फाइल फोटो)
राज्यसभा में पास हुए 25 बिल (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
  • समय से पहले खत्म हुआ मॉनसून सत्र
  • 1 अक्टूबर तक चलना था मॉनसून सत्र

राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. सभापति वेंकैया नायडू ने बुधवार को इसकी घोषणा की. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण समय से पहले मॉनसून सत्र को खत्म किया गया है. 1 अक्टूबर तक चलने वाले सत्र को 8 दिन पहले ही खत्म करने का फैसला लिया गया.

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महज 10 दिन तक चले इस सत्र में सरकार राज्यसभा में कई अहम बिल पास कराने में सफल रही. लेकिन सदन में विवादित कृषि बिल पास होने के दौरान विपक्ष की ओर से खूब हंगामा भी किया गया, जो उच्च सदन के लिए सबसे खराब दिन था. सभापति वेंकैया नायडू ने इस घटना पर नाराजगी भी जताई थी. 

राज्यसभा में इस सत्र में 25 बिल पास हुए हैं. इसमें कृषि से संबंधित तीन और श्रम सुधार से जुड़े तीन बिल शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर विधेयकों को सरकार आसानी से पास कराने में सफल रही. सबसे ज्यादा विवाद कृषि से संबंधित तीन विधेयकों को लेकर रहा.

इन तीन बिलों को लेकर राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा किया. लोकसभा में जहां नारेबाजी की गई और पेपर फाड़े गए तो वहीं राज्यसभा में विपक्ष ने सारी हदें पार कर दीं. विपक्षी दलों के सांसदों ने रूल बुक फाड़ दी, आसन के सामने लगे माइक को तोड़ दिया. बिल की कॉपियां भी फाड़ दी गई थीं.

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कांग्रेस, टीएमसी समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने उपसभापति पर आपत्तिजनक टिप्पणी तक की. इस पूरी घटना को लेकर खूब विवाद हुआ. सभापति वेंकैया नायडू ने टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, आप के संजय सिंह समेत 8 सांसदों को बचे हुए सत्र के लिए निलंबित कर दिया. ये सांसद अपना निलंबन वापस कराने पर अड़ गए थे. बाद में निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में धरना दिया.

उपसभापति निलंबित सांसदों को सुबह की चाय देने भी पहुंचे. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभापति वेंकैया नायडू ने उपसभापति के इस कदम की तारीफ की. वहीं, सांसदों के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में विपक्षी दलों के सांसदों ने मंगलवार और बुधवार को सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया. विपक्ष की ये भी मांग है कि सरकार कृषि बिल को वापस ले. 

राज्यसभा में पास हुए ये बिल

- राष्ट्रीय न्यायालिक विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक, 2020

- कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2020 

- बैंककारी विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020

- आवश्यक वस्तु विधेयक, 2020

- प्रौद्योगिकी संस्थान विधियां विधेयक, 2020 

- राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय विधेयक, 2020 

- कराधान और अन्य विधि विधेयक, 2020

- जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक, 2020

- विनियोग(संख्यांक 3) विधेयक, 2020 

- विनियोग (संख्यांक 4) विधेयक, 2020

- उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020

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- औद्योगिक संबंध संहिता, 2020

- सामाजिक  सुरक्षा संहिता, 2020 

- अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक, 2020

- विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2020

- कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020

- कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) क़ीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020

सभापति ने क्या कहा 

मॉनसून सत्र में राज्यसभा में हुए कामकाज पर सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि 10 बैठकों में 25 विधेयक पारित किए गए और छह विधेयक पेश किए गए. उन्होंने कहा कि इस सत्र में व्यवधानों के कारण 3.15 घंटे का नुकसान हुआ. पिछले सत्रों की तरह उच्च उत्पादकता इस बार भी जारी रही. सरकार ने 1,567 प्रश्न के लिखित उत्तर दिए.

वेंकैया नायडू ने उत्पादकता के संदर्भ में सत्र को संतोषजनक बताया. उन्होंने रविवार को राज्यसभा में सांसदों द्वारा किए गए व्यवहार का जिक्र किया और सदस्यों से अपील की कि वो ये सुनिश्चित करें कि ऐसा अनुचित व्यवहार दोहराया नहीं जाए. 

 

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