Lok Sabha adjourned till tomorrow amid uproar by Opposition over #FarmLaws pic.twitter.com/5TDeuZpjsS
— ANI (@ANI) February 2, 2021
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन में नारेबाजी करने की जगह नहीं है. अगर आपको चर्चा करनी है, तैयार हैं, हंगामा के लगातार चलने से लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 7:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
Lok Sabha adjourned till 7 pm. https://t.co/EqvvtEwpsY
— ANI (@ANI) February 2, 2021
लोकसभा की कार्यवाही पांच बजे फिर शुरू हुई. इस दौरान लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने फिर से किसान आंदोलन का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान 150 से ज्यादा किसानों की जान चली गई. ऐसा लगता है कि हम फिर से ब्रिटिश काल में जा रहे हैं. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार किसान संगठनों से बात कर रही है. वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार संसद के अंदर और बाहर किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. आज के प्रश्नकाल में भी किसान के मुद्दे से जुड़े कई सवाल हैं. लेकिन विपक्ष सदन की कार्यवाही का समय बर्बाद कर रहा है.
कांग्रेस की संसदीय दल की मंगलवार को बैठक हुई. इसमें फैसला किया गया कि किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस लोकसभा में चर्चा की मांग भी करेगी. पार्टी ने पहले से ही स्थगन प्रस्ताव दिया हुआ है. लोकसभा में विपक्ष किसान आंदोलन का मामला उठाएगा और इससे हंगामे के आसार हैं.
कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर कांग्रेस के सांसद संसद परिसर में स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं.
राज्यसभा के बाद लोकसभा की कार्यवाही भी शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी गई है. विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगति कर दी गई. विपक्ष कृषि कानूनों पर बहस कराये जाने की मांग कर रहा है.
Lok Sabha adjourned till 5 pm amid uproar by Opposition over the Farm Laws. pic.twitter.com/DInuFGQQ3m
— ANI (@ANI) February 2, 2021
राज्यसभा में मंगलवार को सुबह से ही भारी हंगामा देखा गया. विपक्षी सांसद किसानों की मांगों पर चर्चा को लेकर आवाज उठाते रहे लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई. 12.30 बजे एक बार फिर जब कार्यवाही शुरू हुई तो जय जवान, जय किसान के नारे लगने लगे. इसके बाद उपसभापति ने कहा कि कल से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करने जा रहे हैं, अभी आप अपनी सीटों पर जाएं. लेकिन विपक्षी सांसद नहीं माने और नारेबाजी करते रहे. ये देखते हुए सदन की कार्यवाही कल सुबह (बुधवार) 9 बजे तक स्थगित कर दी गई.
राज्यसभा के बाद कांग्रेस ने लोकसभा में भी कृषि कानूनों के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव दिया है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और पार्टी व्हिप कोडिकुनिल सुरेश ने यह स्थगन प्रस्ताव दिया है. बता दें कि कांग्रेस ने भी राज्यसभा में भी स्थगन प्रस्ताव दिया है और किसानों की मांगों पर चर्चा करने की मांग की है.
राज्यसभा में विपक्षी दल कृषि कानूनों का जमकर विरोध कर रहे हैं, जिसका नतीजा ये हुआ है कि राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को बार-बार स्थगित करनी पड़ी. वहीं, लोकसभा में भी विपक्ष ने किसानों की आवाज उठाने का फैसला किया है. तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगोतो रॉय ने बताया है कि लोकसभा में भी हमारा विरोध जारी रहेगा, पार्टी के नेतृत्व ने भी इसके लिए हमें परमिशन दे दी है. उन्होंने कहा कि जो किसानों के साथ हो रहा है वह ठीक नहीं है, सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए और कानून वापस लेने चाहिए.
राज्यसभा में आज हंगामा खत्म होता नहीं दिखाई दे रहा है. सुबह से तीसरी बार सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई है. दरअसल, विपक्षी दल किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, जबकि राज्यसभा चेयरमैन ने चर्चा से इनकार कर दिया है. राष्ट्रपति के अभिभाषण का हवाला देते हुए कल इस मसले पर चर्चा की बात कही गई है. मगर, विपक्षी सांसद मानने को राजी नहीं हैं और सदन में काले कानून वापस लो और सरकार मुर्दाबाद की नारेबाजी बार-बार की जा रही है. हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही तीसरी बार दोपहर 12.30 बजे तक स्थगित कर दी गई है.
किसानों के मद्दे पर विपक्ष संसद में सरकार को घेरने की भरपूर कोशिश कर रहा है. कल बजट के बाद आज राज्यसभा में विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की. कार्यवाही स्थगित होने के बाद सुबह 10.30 बजे जैसे फिर से सदन चालू हुआ, विपक्षी सांसदों ने कृषि कानून विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही एक बार फिर सुबह 11.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
किसानों के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों की नारेबाजी को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 10.30 बजे तक स्थगित कर दी गई है.
किसानों के मुद्दे पर राज्यसभा में हंगामा हो रहा है. विपक्षी सांसदों ने किसान विरोधी काले कानून वापस लेने की नारेबाजी की. इससे पहले कई विपक्षी दलों ने किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग के लिए नोटिस दिया लेकिन राज्यसभा चेयरमैन की तरफ से आज चर्चा के लिए इनकार कर दिया गया. इसके बाद विपक्षी दल सदन से वॉकआउट कर गए और शन्यू काल शुरू हो गया. इसके बाद विपक्षी सांसद सदन में वापस आए और किसानों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कृषि कानून वापस लेने की नारेबाजी की.
राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू ने कहा कि कृषि कानूनों पर पहले ही चर्चा हो चुकी है, इसलिए अब उसकी जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर आप चाहें आपके सामने चर्चा का रिकॉर्ड रखा जा सकता है. वेंकैया नाडयू ने कहा कि किसान आंदोलन पर आज नहीं, कल चर्चा होगी, क्योंकि परंपरा के हिसाब से पहले चर्चा लोकसभा में शुरू होगी.
भारतीय जनता पार्टी के सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने राज्यसभा में शून्य काल का नोटिस दिया है और आंध्र प्रदेश में हिंदू मंदिर पर हुए हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी है.
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन के मुद्दे पर कई विपक्षी दलों द्वारा राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया गया है. आरजेडी सांसद मनोज झा, टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रे, डीएमके एमपी तिरुचि सिवा, सीपीएम एमपी ई.करीम ने स्थगन प्रस्ताव दिया है और किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है.
कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन फिर जोर पकड़ सकता है. किसान मोर्चा ने 6 फरवरी को देशभर में चक्काजाम करने का ऐलान किया है. इस बीच किसानों के मसले को लेकर संसद में हंगामे के आसार है. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा ने राज्यसभा में किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है. इसके अलावा टीएमसी सांसद अर्पिता घोष ने भी नोटिस दिया है. विपक्ष के कई दल भी किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं.