लखीमपुर कांड को लेकर विपक्ष का रुख अक्रामक होने लगा है. लखीमपुर कांड में एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद कांग्रेस, सपा समेत सभी प्रमुख विपक्षी दल एक बार फिर हमलावर हो गए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज लोकसभा में लखीमपुर हिंसा और गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया. संसद में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया. विपक्ष मामले को संसद में उठाना चाहता था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका. सदन के नेता पीयूष गोयल ने सरकार की तरफ से, संसद में विपक्ष के व्यवहार की निंदा की.
विपक्ष गलत प्रचार करने की कोशिश कर रहा है
संसद में पीयूष गोयल ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि राज्यसभा में विपक्षी दल सदन की कार्यवाही को चलने नहीं दे रहे हैं. बार-बार कार्यवाही में रुकावट डाल रहे हैं और गलत प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं. आज लोकसभा में महंगाई के मुद्दे पर और राज्यसभा में अमिक्रॉन वैरिएंट पर चर्चा होनी थी, मगर विपक्ष चर्चा नहीं चाहता. उनके पास कोई मुद्दा नहीं है. साफ है कि उनकी सदन में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में कोई रुचि नहीं है.' पियूष गोयल ने विपक्ष से मांग की कि वे अपने व्यवहार पर सदन में आकर माफी मांगें.
मंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की मांग बेबुनियाद
राहुल गांधी के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की मांग पर पीयूष गोयल ने कहा कि यह बेबुनियाद बात है, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जब जांच चल रही है, तो संसद में इसपर चर्चा किए जाने का कोई मतलब नहीं बनता.
यह साजिश है, सरकार बहाने बना रही है- राहुल गांधी
सांसद के दोनों सदनों में जहां विपक्ष हंगामा कर रहा था, वहीं संसद के बाहर राहुल गांधी लखीमपुर खीरी केस पर प्रेस से बात कर रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि सरकार संसद में ऐसी कोई भी चर्चा नहीं करना चाहती, जिससे वो या उनका काम एक्सपोज़ हो. वो इसपर कोई भी बहाना बना सकते हैं.
राहुल गांधी ने कहा, 'यह पहले भी कहा गया है कि यह एक साजिश है. ये वाकई साजिश ही है. ये हर कोई जानता है कि इसमें कौन शामिल है, किसका बेटा शामिल है. हर किसी को पता है कि जब किसानों की हत्या हुई, तो वहां कौन मौजूद था. वो मंत्री जी हैं और हम उनका इस्तीफा चाहते हैं. हम इसपर संसद में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नहीं चाहते. तरह-तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं क्योंकि वे सच को स्वीकारना नहीं चाहते.
We want the MoS Home to resign, we want a discussion in the Parliament, but the Prime Minister refuses and they are making all sorts of excuses because they don't want to accept the truth.: Shri @RahulGandhi #टेनी_को_बर्ख़ास्त_करो pic.twitter.com/s6hS8CKITI
— Congress (@INCIndia) December 15, 2021
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री अपराधी मंत्री को अच्छी तरह जानते हैं, वह उनके मंत्रिमंडल में हैं. लेकिन इसपर कुछ नहीं कर रहे. एक तरफ तो प्रधानमंत्री माफ़ी मांगते हैं, दूसरी तरफ़ मुआवज़ा नहीं देते और जो हत्यारा है उसे कैबिनेट में रखा हुआ है.
'बिना दबाव और संघर्ष के न्याय नहीं होगा'
राहुल गांधी से सवला किया गया कि क्या आपको लगता है कि सरकार इसपर कोई कार्रवाई करेगी, तो राहुल गांधी ने कहा, 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम सरकार पर कितना दबाव डालते हैं. जितना दबाव होगा, उसी हिसाब से कार्रवाई होगी. हमने पहले कहा था कि किसान कानून वापस होने चाहिए, हमने दबाव डाला, किसानों ने दबाव डाला और किसान कानून वापस ले लिया गया.'
राहुल गांधी ने कहा कि जब वह लखीमपुर खीरी गए थे तो उन्होंने वहां वादा किया था कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम सरकार पर दबाव डालकर न्याय दिलवाएंगे. बिना दबाव और संघर्ष के न्याय नहीं होगा.
'जब तक ये जेल नहीं जाते, हम इनको छोड़ेंगे नहीं'
सरकार की तरफ से पियूष गोयल ने बयान दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है तो संसद मं इसपर चर्चा का कोई मतलब नहीं बनता. इसपर राहुल गांधी ने कहा- 'ये कौन सा लॉजिक है? यहां कोई भी चर्चा करवा सकते हैं.'
राहुल गांधी ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अपराधी मंत्री को सजा और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले. उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह किसान कानून वापस लिए गए, उसी तरह इस मामले में भी, इन मंत्री जी को इस्तीफा देना पड़ेगा और जब तक ये जेल नहीं जाते तब तक हम इनको छोड़ेंगे नहीं, ये जेल जाएंगे, चाहे पांच साल ही क्यों नहीं लग जाएं.