अरबपति भारतीय बिजनेसमैन गौतम अडानी पर अमेरिकी रिपोर्ट में लगे आरोपों के बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर अडानी को गिरफ्तार करने की मांग की है. आज (27 नवंबर) को संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा,'अडानी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें छोटे-मोटे आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. क्या आपको लगता है कि अडानी अमेरिकी अदालत के अभियोग को स्वीकार करेंगे?'
जब राहुल गांधी से पूछा गया कि अडानी ने तो सभी आरोपों को खारिज कर दिया है तो इस पर राहुल गांधी ने कहा,'आप किस दुनिया में रह रहे हो भाई. क्या आपको लगता है कि अडानी अमेरिका के इस अभियोग को मानेंगे.'
हफ्तेभर पहले भी की थी अरेस्ट करने की मांग
बता दें कि इससे पहले 21 नवंबर को भी राहुल गांधी ने अडानी पर तीखा हमला करते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी. राहुल ने कहा था कि प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार में गौतम अडानी के साथ मिले हुए हैं. राहुल ने कहा था कि अडानी 2 हजार करोड़ रुपये के घोटाले और कई अन्य मामलों में नाम आने के बावजूद वह खुलेआम घूम रहे हैं, क्योंकि उन्हें पीएम मोदी का संरक्षण है.
राहुल ने पीएम मोदी पर भी साधा था निशाना
कांग्रेस सांसद ने कहा था कि अब यह बिल्कुल स्पष्ट और स्थापित हो चुका है कि अडानी ने भारतीय कानून और अमेरिकी कानून दोनों को तोड़ा है. मुझे आश्चर्य हो रहा है कि अडानी इस देश में एक स्वतंत्र व्यक्ति की तरह क्यों घूम रहे हैं. यह हमारी कही गई बातों की पुष्टि है प्रधानमंत्री अडानी को बचा रहे हैं और प्रधानमंत्री अडानी के साथ भ्रष्टाचार में शामिल हैं.
लालू भी कर चुके हैं गिरफ्तारी की मांग
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के चीफ और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी अडानी की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं. लालू ने हाल ही में कहा था कि राहुल गांधी सही कह रहे हैं, अडानी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. न्यूज एजेंसी से बात करते हुए लालू ने इस मामले को देश की साख से जुड़ा बताया था.
क्या है पूरा मामला, जिस पर मचा है बवाल
बता दें कि न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में सुनवाई के दौरान गौतम अडानी की कंपनी पर US में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने और एक सोलर एनर्जी कॉन्ट्रेक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को मोटी रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि 2020 से 2024 के बीच अडानी ग्रीन और एज्योर पावर ग्लोबल को ये सोलर प्रोजेक्ट दिलाने के लिए गलत रूट से भारतीय अधिकारियों 265 मिलियन डॉलर (करीब 2236 करोड़ रुपये) को रिश्वत दी गई.
जयराम रमेश बोले- कानूनी शिगूफा छोड़ा है
इस मामले में कांग्रेस नेता जयराम रमेश का बयान भी आया है. उन्होंने कहा,'इसमें आश्चर्य की बात नहीं है कि मोदानी इकोसिस्टम ने आज सुबह-सुबह एक बड़ा कानूनी शिगूफा छोड़ा है. ऐसे समय में जब उन्हें अन्य देशों में हो रही गंभीर कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, और उन सिस्टम्स को वे न तो डरा सकते और ही खत्म कर सकते हैं, तब मोदानी इकोसिस्टम इंकार करके डैमेज कंट्रोल का प्रयास कर रहा है. लेकिन यह हास्यास्पद प्रयास अमेरिकी एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को कम नहीं कर सकता'
BJP ने किया पलटवार
इन आरोपों पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस के इशारे पर काम कर रही है. वडक्कन ने इंडिया टुडे से कहा कि यह कांग्रेस का हमला नहीं है, बल्कि सोरोस की स्क्रिप्ट है, जिसे भारत में लागू किया जा रहा है.