लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली से जम्मू-कश्मीर को चलाने का कोई मतलब नहीं है और उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई. दरअसल, पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा के दौरान कश्मीरी महिलाओं से बातचीत के दौरान उनकी यह टिप्पणी आई, जिसका वीडियो सोमवार को पार्टी ने जारी किया. राहुल ने कश्मीरी छात्राओं से कहा, "प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) से मेरी समस्या यह है कि वह किसी की नहीं सुनते. मुझे ऐसे व्यक्ति से समस्या है जो शुरू से ही मानता है कि वह सही है. यहां तक कि अगर वह कुछ ऐसा देखता है जो उसे गलत दिखा रहा है, तो भी वह इसे स्वीकार नहीं करेगा. तो फिर ऐसे व्यक्ति हमेशा कोई न कोई समस्या खड़ी करेंगे."
उन्होंने कहा, "यह असुरक्षा से आता है, यह ताकत से नहीं आता. यह कमजोरी से आता है." वीडियो में गांधी जम्मू-कश्मीर में आगामी चुनावों के बारे में भी बात करते हैं और छात्राओं से कहते हैं कि भारतीय इतिहास में पहली बार किसी राज्य से राज्य का दर्जा छीना गया है. राहुल गांधी ने कहा, "हम स्पष्ट हैं कि जिस तरह से यह किया गया, वह हमें पसंद नहीं आया. लेकिन, अब हमारे लिए सिद्धांत राज्य का दर्जा वापस पाना है और इसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों का प्रतिनिधित्व भी शामिल है. कश्मीर को चलाने, जम्मू को दिल्ली से चलाने की यह स्थिति कोई मायने नहीं रखती."
अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो के साथ संदेश में गांधी ने कहा कि जम्मू कश्मीर की अपनी हालिया यात्रा के दौरान उन्हें श्रीनगर में कई कश्मीरी छात्राओं से मिलने का अवसर मिला. गांधी ने अपने पोस्ट में कहा, "ये लड़कियां विभिन्न कॉलेजों में नामांकित हैं, कानून, भौतिकी, पत्रकारिता और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों का अध्ययन कर रही हैं. मैंने उनकी अपेक्षाओं और चुनौतियों को गहराई से समझा. हमने कोलकाता की घटना और इसके व्यापक निहितार्थों, खासकर महिलाओं के उत्पीड़न के बारे में बात की."
उन्होंने कहा कि छात्राओं ने इस बारे में अपनी चिंताएं साझा कीं कि कैसे ऐसी घटनाएं प्रणालीगत मुद्दों को दर्शाती हैं जिन्हें संबोधित करने की आवश्यकता है और वे किस तरह से विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्रभावित करती हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, "बातचीत में हमने आगामी जम्मू-कश्मीर चुनावों और वास्तविक प्रतिनिधित्व पर उनके प्रभाव पर भी चर्चा की. मैंने अपनी स्थिति स्पष्ट की - यह सुनिश्चित करने के लिए कि जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल हो और वहां के लोगों के अधिकार और प्रतिनिधित्व को बनाए रखा जाए."