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कांग्रेस के अरमानों पर DMK ने फेरा पानी, राज्यसभा के लिए एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति

तमिलनाडु में डीएमके ने कांग्रेस के अरमानों पर पानी फेरते हुए दोनों सीटों पर अपने कैंडिडेट उतार दिए हैं. ऐसे में अब महाराष्ट्र की बची एक सीट पर कांग्रेस के दिग्गज जोर लगा रहे हैं. राज्यसभा जाने की दावेदारी को लेकर कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति है.

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सोनिया गांधी और राहुल गांधी
सोनिया गांधी और राहुल गांधी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तमिलनाडु में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव
  • डीएमके ने दो सीटों पर उतारे अपने कैंडिडेट
  • कांग्रेस की एक सीट के लिए कई बड़े दावेदार

देश के अलग-अलग राज्यों में सात राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए शह-मात का खेल तेज हो गया है. तमिलनाडु में डीएमके ने कांग्रेस के अरमानों पर पानी फेरते हुए दोनों सीटों पर अपने कैंडिडेट उतार दिए हैं. ऐसे में अब महाराष्ट्र की बची एक सीट पर कांग्रेस के दिग्गज जोर लगा रहे हैं. राज्यसभा जाने की दावेदारी को लेकर कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति है. ऐसे में देखना है कि कांग्रेस किसे उच्चसदन भेजने का फैसला करती है. 

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बता दें कि तमिलनाडु की दो सीट पुदुचेरी, असम, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और बंगाल की 1-1 सीट पर 4 अक्टूबर को चुनाव होने हैं. कांग्रेस को दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना थी. एक तमिलनाडु में और दूसरी महाराष्ट्र की राज्यसभा सीट है. चार महीने पहले हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के समय डीएमके ने कांग्रेस को 25 सीटें देकर चुनावी समझौता किया था और कम सीटें देने की एवज में उसे एक राज्यसभा सीट का वादा किया था. 

तमिलनाडु में एक सीट के लिए होड़ में जुटे कांग्रेस के आधे दर्जन नेताओं की उम्मीदों को मंगलवार को बड़ा झटका लगा. डीएमके ने राज्य के मेडिकल विंग के सचिव डॉ कनिमोझी एनवीएन सोमू और नमक्कल (पूर्व) जिला प्रभारी केआरएन राजेशकुमार को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है. डीएमके की ओर से राज्य की दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा के साथ कांग्रेस नेताओं की उम्मीदें खत्म हो गई. 

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डीएमके के ऐलान से सबसे बड़ा झटका गुलाम नबी आजाद को लगा है. कांग्रेस का असंतुष्ट खेमा जी-23 की अगुआई कर रहे वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को तमिलनाडु से राज्यसभा में लाए जाने की संभावनाएं टटोल रहा था जबकि दूसरी ओर पार्टी नेतृत्व डाटा एनालेटिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती की उम्मीदवारी पर विचार कर था. तमिलनाडु में डीएमके के दोनों सीटों पर उतरने के ऐलान से साफ हो गया है कि आजाद के लिए फिलहाल राज्यसभा में वापसी की गुंजाइश नहीं है. 

वहीं, कांग्रेस ने अपने अंदरुनी समीकरण साधने की रणनीति के साथ ही छह साल के पूरे कार्यकाल की राज्यसभा सीट के लिए इंतजार करना ज्यादा मुनासिब माना है. दरअसल, अगले साल जून में तमिलनाडु की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, जिसमें डीएमके से कांग्रेस वादे के अनुरूप अपनी एक सीट लेगी. इसीलिए उपचुनाव की दोनों सीटों को डीएमके को दे दिया है.  

महाराष्ट्र में राजीव साटव के निधन से रिक्त हुई सीट पर हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस के आधा दर्जन बड़े नेता दादेवार माने जा रहे हैं. राज्य में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी में बनी सहमति के लिहाज से यह सीट कांग्रेस के खाते में रहेगी, जिससे उसकी जीत तय है. महाराष्ट्र की एक राज्यसभा सीट के लिए मुकुल वासनिक, मिलिंद देवड़ा, संजय निरूपम, रजनी पटेल, अविनाश पांडे, राजीव शुक्ला, प्रमोद तिवारी और राजीव साटव की पत्नी को प्रमुख दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है. कांग्रेस एक अनार और सौ बीमार वाली स्थिति में किसे राज्यसभा भेजने का कदम उठाती है. 

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