scorecardresearch
 

'आप जीवन भर पछताएंगी, मैं बोल रहा हूं' राज्यसभा में महिला सांसद से सभापति जगदीप धनखड़ ने क्यों कहा ऐसा?

राज्यसभा में विपक्षी सासंदों के व्यवहार से सभापति जगदीप धनखड़ इतने नाराज हुए कि गुस्से में उन्होंने एक महिला सांसद को खरी-खरी सुना दी. विपक्षी सांसद भारत-चीन झड़प पर चर्चा की मांग कर रहे थे और इसके चलते वे चेयर तक जा पहुंचे थे.

Advertisement
X
सभापति ने लगाई महिला सदस्य की फटकार
सभापति ने लगाई महिला सदस्य की फटकार

संसद के शीतकालीन सत्र के 12वें दिन राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्षी सांसद चीन-भारत झड़प पर चर्चा की मांग कर रहे थे. ऐसे में हंगामे के चलते, विपक्षी सदस्य वेल के सामने जा पहुंचे. सदस्यों को चेयर के सामने देखकर सदन के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बेहद नाराज हुए. नाराज़गी में ही उन्होंने एक महिला को सदस्य को फटकार लगा दी.

Advertisement

विपक्ष के सदस्य अपनी सीट से उठकर सभापति के सामने 'We want discussion' के नारे लगा रहे थे. सभापति सदस्यों के व्यवहार को लेकर लगातार चेताते रहे. वे बार-बार उन्हें अपनी सीट पर बैठने के लिए कह रहे थे. वे कह रहे थे कि क्या इस तरह चर्चा की जाती है? उन्होंने सदस्यों से यह भी कहा कि आप सदन की वीडियो ध्यान से देखिएगा और अपने घरवालों और मित्रों के साथ शेयर कीजिएगा कि आप सदन में इस तरह का व्यवहार करते हैं.  

'आप मुझे सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर रहे हैं'

विपक्ष का व्यवहार ज़रा भी नहीं बदला और वे सभापति की चेयर के सामने आ गए. ऐसे में सभापति बहुत नाराज़ हो गए. उन्होंने सदस्यों से कहा कि आप इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकते हैं. आप इस तरह से चेयर के सामने नहीं आ सकते. उन्होंने सदस्यों को वापस अपनी सीट पर जाने के लिए कहा.

Advertisement

उन्होंने कहा कि वेल में आए सदस्य मुझे सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर रहे हैं. मैं उनसे आग्रह करता हूं कि मुझे मजबूर न करें. डिस्कशन इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि एक भी नोटिस ऑर्डर में नहीं है. 267 के हर रूल का उल्लंघन किया गया है. 

'आप जीवन भर पछताएंगी'

सभापति वेल में पहुंचे सांसदों से इतना नाराज़ थे कि उन्होंने एक महिला सदस्य की भी फटकार लगा दी. उन्होंने कहा ' मैम,आप काफी कुछ कर चुकी हैं. इसके लिए आप जीवन भर पछताएंगी, मैं कह रहा हूं. आपसे ये उम्मीद नहीं की जा सकती.' उन्होंने उन्हें वापस अपनी सीट पर जाने के लिए कहा.

इसके बाद सभी अपनी-अपनी सीट पर बैठ गए. फिर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- 'विपक्ष के किसी सदस्य का मकसद आपका अपमान करना नहीं है. हम आपका सम्मान करते हैं. संसद के लोकतंत्र में ऐसा होता है. लेकिन आप गुस्से में आ जाते हैं.' इस पर सभापति बोले- 'मुझे गुस्सा नहीं आता खड़गे जी, क्योंकि मैंने 40 साल तक वकालत की है. वकील को गुस्सा करने का राइट नहीं है.'

 

Advertisement
Advertisement